
डिजिटल युग ने जहां हमें अनेक सुविधाएं दी हैं, वहीं इसके कुछ खतरनाक पहलू भी सामने आए हैं। आज हम उस पहलू की चर्चा करेंगे जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है—ऑनलाइन धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग। टेक्नोलॉजी के इस दौर में निजी तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। हर दिन किसी न किसी को इंटरनेट पर अपनी पर्सनल क्लिप के वायरल होने की धमकी मिलती है या वे ऐसे हालात का शिकार बनते हैं।
इस तरह की स्थिति का सामना करना अगर आपके लिए एक डरावना अनुभव रहा है या हो सकता है, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि ऐसे हालात में क्या कदम उठाने चाहिए। यदि आपकी कोई तस्वीर या वीडियो सोशल मीडिया या किसी वेबसाइट पर आपकी अनुमति के बिना साझा कर दी गई है, तो उससे कैसे निजात पाई जा सकती है, इसके बारे में हम आपको संपूर्ण जानकारी देंगे।
आपके अधिकारों की सुरक्षा के लिए कौन है मददगार?
StopNCII.org का सहारा लें:
यदि किसी ने आपकी सहमति के बिना आपकी कोई निजी वीडियो या फोटो ऑनलाइन पोस्ट कर दी है, तो आप StopNCII.orgकी सहायता ले सकते हैं। यह वेबसाइट विशेष रूप से ऐसे कंटेंट को इंटरनेट और सोशल मीडिया से हटवाने का कार्य करती है।
अब आपके मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि यह प्लेटफ़ॉर्म किसका हिस्सा है? तो आपको बता दें कि StopNCII.org, अंतरराष्ट्रीय चैरिटी संगठन SWGfL (Stop Non-Consensual Intimate Image Abuse) का एक अभिन्न भाग है, जो निजता के हनन से जुड़े मामलों में तकनीकी और कानूनी सहायता प्रदान करता है।
अगर वीडियो हो जाए वायरल, तो तुरंत उठाएं ये कदम
कानूनी सहायता लें:
सबसे पहले घबराएं नहीं। किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति के आपकी तस्वीर या वीडियो साझा करना आईटी एक्ट 2000 की धारा 66E के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है। इस धारा के तहत दोषी को तीन साल तक की जेल और दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें:
यदि कोई क्लिप या फोटो वायरल हो गई है, तो आप राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह नंबर 24x7 आपकी सहायता के लिए उपलब्ध है।
ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें:
आप गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यहां ब्लैकमेलिंग, धमकी, और निजता के उल्लंघन जैसे मामलों के लिए एक अलग पोर्टल उपलब्ध है।
डरें नहीं, बल्कि जागरूक बनें
आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफ़ॉर्म पर डिजिटल कंटेंट की निगरानी और नियंत्रण के कई साधन मौजूद हैं। लेकिन इनका प्रभाव तभी नजर आता है जब आप स्वयं जागरूक होकर उचित कदम उठाते हैं। तकनीक के इस युग में सतर्कता और सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकती है।
अगर आपको या आपके किसी परिचित को ऐसी कोई परेशानी हो रही है, तो इन उपायों को तुरंत अपनाएं और कानूनी सहायता लेने से न हिचकें। आपका साहस और सही जानकारी किसी बड़े संकट को टाल सकती है।














