
एप्पल के अपकमिंग फ्लैगशिप iPhone 18 Pro को लेकर नई जानकारी सामने आई है, जो इसे कनेक्टिविटी के मामले में गेमचेंजर बना सकती है। ताजा लीक के मुताबिक यह डिवाइस कंपनी के नेक्स्ट जेनरेशन C2 मॉडम से लैस होगा। रिपोर्ट्स इशारा कर रही हैं कि इस बार एप्पल पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क से आगे बढ़कर 5G सैटेलाइट कनेक्टिविटी को बड़े स्तर पर पेश करने की तैयारी में है।
क्यूपरटिनो स्थित टेक दिग्गज इस टेक्नोलॉजी के लिए NR-NTN (New Radio Non-Terrestrial Network) सिस्टम का इस्तेमाल कर सकती है। यह तकनीक स्मार्टफोन को लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स से सीधे जोड़ने में सक्षम बनाती है, जिससे यूजर्स को उन इलाकों में भी कनेक्टिविटी मिल सकेगी जहां पारंपरिक नेटवर्क टावर मौजूद नहीं हैं।
सैटेलाइट के जरिए 5G इंटरनेट और कॉलिंग
चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, iPhone 18 Pro में मिलने वाला C2 बेसबैंड चिप NR-NTN टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करेगा। इसकी मदद से यूजर्स कमजोर या पूरी तरह से नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में भी 5G इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा ले सकेंगे।
इसका मतलब है कि पहाड़ी, जंगल या समुद्री क्षेत्रों में यात्रा के दौरान भी कनेक्टिविटी बनी रह सकती है। कंपनी इस साल लॉन्च होने वाले मॉडल्स में सैटेलाइट फीचर्स को प्रमुख आकर्षण बनाने की योजना पर काम कर रही है।
इससे पहले भी रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि एप्पल ‘Satellite over 5G’ फीचर विकसित कर रहा है। प्रसिद्ध टेक पत्रकार Mark Gurman ने भी अपनी रिपोर्ट में संकेत दिया था कि कंपनी सैटेलाइट आधारित 5G कवरेज को लेकर सक्रिय रूप से काम कर रही है। हालांकि एप्पल ने सैटेलाइट फीचर की शुरुआत iPhone 14 में की थी, लेकिन वह सुविधा सीमित दायरे तक ही सिमटी हुई थी।
iPhone 14 से कहीं आगे होगा अपग्रेड
iPhone 14 में यूजर्स को इमरजेंसी SOS, फाइंड माई, मैसेजिंग और रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सेवाएं सैटेलाइट के जरिए उपलब्ध कराई गई थीं, लेकिन यह सुविधा सभी देशों में उपलब्ध नहीं थी। अब iPhone 18 Pro में आने वाला C2 मॉडम पुराने C1 और C1X चिपसेट की तुलना में अधिक उन्नत बताया जा रहा है।
नई चिप भीड़भाड़ वाले नेटवर्क में बेहतर परफॉर्मेंस दे सकती है और सीमित प्रिसिजन लोकेशन जैसी उन्नत सुविधा भी प्रदान कर सकती है, जिससे यूजर की लोकेशन ट्रैकिंग अधिक सटीक हो सकेगी। यह फीचर एडवेंचर ट्रैवलर्स और रिमोट एरिया में काम करने वाले लोगों के लिए खासा उपयोगी साबित हो सकता है।
अन्य कंपनियां भी रेस में
सैटेलाइट 5G टेक्नोलॉजी को लेकर सिर्फ एप्पल ही नहीं, बल्कि चीनी टेक कंपनी Huawei भी सक्रिय है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हुआवेई अपना NR-NTN सॉल्यूशन पब्लिक टेस्टिंग के लिए तैयार कर रही है। इसे पहले पिछले वर्ष लॉन्च किया जाना था, लेकिन अब उम्मीद है कि इस साल परीक्षण शुरू हो सकता है।
माना जा रहा है कि iPhone 18 सीरीज के प्रो वेरिएंट्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड iPhone 18 मॉडल में भी C2 मॉडम देखने को मिल सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यूजर्स को बिना पारंपरिक नेटवर्क कवरेज के भी 5G सेवाओं का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, iPhone 18 Pro में सैटेलाइट आधारित 5G सपोर्ट एप्पल की कनेक्टिविटी रणनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जो स्मार्टफोन यूजर्स के अनुभव को पूरी तरह से नए स्तर पर ले जाने की क्षमता रखता है।














