
गूगल ने अपने लोकप्रिय गूगल ट्रांसलेट ऐप को और स्मार्ट बनाने के लिए नए एआई-पावर्ड फीचर्स लॉन्च किए हैं। कंपनी का कहना है कि अब यूजर्स को लाइव बातचीत का अनुवाद और भाषा सीखने की सुविधा सीधे ट्रांसलेट ऐप में मिलेगी। इन फीचर्स में कंपनी ने जेमिनी मॉडल्स की एडवांस्ड रीज़निंग और मल्टीमॉडल क्षमताओं का इस्तेमाल किया है, जिससे बातचीत का अनुभव और अधिक सहज और प्राकृतिक हो जाएगा।
लाइव ट्रांसलेट हुआ और भी बेहतर
गूगल ने बताया कि हर महीने लोग उसके प्लेटफ़ॉर्म पर करीब 1 ट्रिलियन शब्दों का अनुवाद करते हैं। अब एआई की बदौलत यह प्रक्रिया और आसान होगी। नए लाइव ट्रांसलेट फीचर में यूजर्स ऐप खोलकर सीधे बातचीत शुरू कर सकते हैं और अनुवाद तुरंत सुन या पढ़ सकते हैं। यह सुविधा 70 से ज्यादा भाषाओं में उपलब्ध होगी, जिनमें हिंदी, अरबी, फ्रेंच, कोरियाई, स्पेनिश और तमिल जैसी भाषाएं शामिल हैं।
कंपनी ने बताया कि अनुवाद केवल शब्दों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बातचीत के लहजे, स्वर और विराम को भी समझकर सहज संवाद में मदद करेगा। इससे किसी भी भाषा में प्राकृतिक तरीके से बातचीत करना पहले से कहीं आसान होगा।
शोरगुल वाले माहौल में भी सटीक अनुभव
गूगल ने अपने बयान में कहा कि नए वॉयस और स्पीच रिकॉग्निशन मॉडल्स को इस तरह प्रशिक्षित किया गया है कि वे अलग-अलग ध्वनियों को पहचान सकें। इसका मतलब है कि चाहे यूजर एयरपोर्ट पर हों या किसी भीड़भाड़ वाले कैफे में, उन्हें अनुवाद का अनुभव बिना किसी रुकावट के मिलेगा। यह फीचर फिलहाल अमेरिका, भारत और मेक्सिको में लॉन्च किया गया है।
भाषा सीखने का नया फीचर
गूगल ने इसके साथ ही एक बीटा लैंग्वेज प्रैक्टिस मोड भी शुरू करने की घोषणा की है। इसमें यूजर्स को लिसनिंग और स्पीकिंग एक्सरसाइज दी जाएंगी। शुरुआती चरण में यह सुविधा स्पेनिश और फ्रेंच सीखने वाले अंग्रेज़ी यूजर्स के लिए और अंग्रेज़ी सीखने वाले स्पेनिश, फ्रेंच और पुर्तगाली यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी। कंपनी का कहना है कि यह कदम भाषा सीखने की प्रक्रिया को और अधिक इंटरैक्टिव और पर्सनलाइज्ड बनाएगा।














