
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन, कोयले की ग़ैरकानूनी ढुलाई और भंडारण से जुड़े मामलों में सघन कार्रवाई शुरू की है। पश्चिम बंगाल के चार जिलों—दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता—में शुक्रवार सुबह लगभग 6 बजे से छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 24 ठिकानों पर ED की टीमों ने दबिश दी और भारी मात्रा में कैश व गहने बरामद किए।
मुख्य संदिग्ध और ठिकानों की सूची
तलाशी के दौरान कई प्रमुख व्यक्तियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें नरेंद्र खरका, युधिष्ठर घोष, कृष्ण मुरारी कायल, चिन्मयी मंडल और राजकिशोर यादव जैसे नाम शामिल हैं। इनके आवासीय परिसरों, कार्यालयों, कोक प्लांट्स और अवैध टोल बूथ/चेक पोस्ट/नाका पर भी ED टीमों ने दबिश दी।
100 से अधिक ED अधिकारी तैनात
इस बड़े ऑपरेशन में 100 से अधिक ED अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। कार्रवाई का मकसद कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच करना है। अभी तलाशी जारी है और कई अहम दस्तावेज और सबूत मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केरल में ऋण धोखाधड़ी मामले की जांच
साथ ही ED ने केरल में ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन की जांच के तहत पूर्व विधायक पीवी अनवर और कुछ अन्य व्यक्तियों के परिसरों पर भी छापे मारे। यह मामला 2015 में केरल वित्तीय निगम द्वारा स्वीकृत धोखाधड़ी से संबंधित ऋणों से जुड़ा है, जिसके कारण 22.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सूत्रों के अनुसार ED आय से अधिक संपत्ति, संदिग्ध बेनामी संपत्ति, रियल एस्टेट परियोजनाओं में धन के हेरफेर और अन्य बेहिसाब निवेशों की जांच कर रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
पीवी अनवर ने केरल के नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में किया था, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के समर्थन से। जनवरी में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए।














