
नई दिल्ली/कोलकाता: आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बटनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ रोकने के लिए मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि EVM से जुड़े किसी भी अनधिकृत हस्तक्षेप को गंभीर अपराध माना जाएगा और इसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सभी उम्मीदवार बटन स्पष्ट और खुले रहने जरूरी
आयोग के निर्देशों के अनुसार, बैलट यूनिट में मौजूद सभी उम्मीदवारों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। किसी भी बटन को ढकना, छिपाना या बाधित करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। इसके लिए टेप, गोंद, चिपकने वाला पदार्थ या किसी अन्य सामग्री का उपयोग पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा।
ECI ने कहा है कि मतदान के दौरान मतदाता को बिना किसी रुकावट के अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनने का पूरा अधिकार होना चाहिए, इसलिए किसी भी प्रकार की दृश्य बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
बटन पर किसी भी तरह का पदार्थ लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित
चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि EVM के बटनों पर किसी भी प्रकार का रंग, स्याही, परफ्यूम, रसायन या अन्य पदार्थ लगाना पूरी तरह निषिद्ध है। आयोग के मुताबिक, कुछ असामाजिक तत्व ऐसी हरकतें कर मतदाता की पसंद को ट्रैक करने या मतदान की गोपनीयता भंग करने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस तरह की गतिविधियों को मतदान की गोपनीयता और पवित्रता के खिलाफ गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
संदिग्ध स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश
पीठासीन अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी मतदान केंद्र पर EVM बटन को ढका हुआ पाया जाए या उस पर किसी भी प्रकार का संदिग्ध पदार्थ लगा हो, तो तुरंत इसकी सूचना सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को दी जाए।
चुनाव आयोग ने कहा है कि ऐसी किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं लिया जाएगा और तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी अपराध मानकर होगी सख्त कार्रवाई
आयोग ने चेतावनी दी है कि EVM से छेड़छाड़ या उसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप चुनावी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इसके अलावा, यदि किसी बूथ पर गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो आयोग वहां पुनर्मतदान (Re-poll) का आदेश भी दे सकता है।
तत्काल रिपोर्टिंग और पुनर्मतदान की संभावना
पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी बिना देरी के संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को दें। चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि यदि स्थिति गंभीर पाई जाती है, तो मतदान प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा मतदान कराया जा सकता है।
आगामी विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम
ये सख्त निर्देश पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले आगामी मतदान से ठीक पहले जारी किए गए हैं। इन दोनों राज्यों में 23 अप्रैल को मतदान होना तय है। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में संपन्न होगा, जिसमें दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।
वहीं, केरल, पुडुचेरी और असम में चुनाव प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इन सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
अधिकारियों की जवाबदेही पर भी सख्त नजर
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्य में लगे किसी भी अधिकारी की ओर से यदि लापरवाही, पक्षपात, कदाचार या कर्तव्य में विफलता पाई जाती है, तो इसे अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता हर हाल में बनी रहे।














