
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक विवादित बयान को लेकर जोरदार हमला बोला। दमदम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘आतंकवादी’ कहकर संबोधित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी के प्रभाव में रहकर अब खरगे की भाषा भी बदल गई है।
अपने भाषण में अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, “राहुल बाबा, आप जितनी आलोचना करेंगे और जितना कीचड़ उछालेंगे, कमल उतनी ही मजबूती से खिलेगा।” शाह ने आगे यह भी कहा कि बीजेपी सत्ता में आने पर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करेगी, जिससे तीन तलाक जैसी प्रथाओं का अंत होगा और बहुविवाह पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कांग्रेस के भविष्य पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहेगा, जबकि पश्चिम बंगाल में पार्टी का खाता खुलना भी मुश्किल होगा। असम को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस की बड़ी हार की भविष्यवाणी की।
यह पूरा विवाद दरअसल उस बयान के बाद शुरू हुआ, जो मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन दिया था। उन्होंने AIADMK और बीजेपी के गठबंधन पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना की थी और ‘आतंकवादी’ जैसे शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हालांकि बाद में खरगे ने सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि उनका इशारा यह था कि केंद्रीय एजेंसियों—जैसे ED, CBI और आयकर विभाग—का इस्तेमाल कर राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाया जाता है।
बीजेपी ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए कड़ा विरोध जताया और खरगे से सार्वजनिक माफी की मांग की। पार्टी ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा भी खटखटाया है। वहीं, अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि अब बंगाल में बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की स्थिति बिगड़ चुकी है और इसे गुंडाराज के हवाले कर दिया गया है।
शाह ने अपनी रैली में जनता से कई वादे भी किए। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर राज्य की महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा और लंबित डीए का भुगतान किया जाएगा। बेरोजगार युवाओं को भी हर महीने 3000 रुपये की मदद देने का वादा किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री वही होगा, जो राज्य की मिट्टी से जुड़ा हो और बंगाली भाषा व संस्कृति को समझता हो।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दो चरणों में कराए जा रहे हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि 29 अप्रैल को दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। कुल 294 सीटों वाले इस चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस बार राज्य में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। जहां ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश में हैं, वहीं बीजेपी पिछली बार के बेहतर प्रदर्शन के बाद इस बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतरी है।














