समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कोलकाता पहुंचकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। टीएमसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत देखने को मिली।
मुलाकात की शुरुआत बेहद गर्मजोशी से हुई, जब अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी ने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया। बातचीत के दौरान अखिलेश ने अभिषेक बनर्जी के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि आपने बहुत मजबूती से लड़ाई लड़ी है। वहीं ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा, “दीदी, आप हारी नहीं हैं।”
भाजपा पर हमला, लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण उभर रहे हैं। इस चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर बड़ी बढ़त हासिल की है, जबकि लंबे समय से सत्ता में रही टीएमसी को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
मुलाकात से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं पर दबाव बनाया गया, जिससे लोग स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर सके। उनके मुताबिक, भाजपा लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का काम कर रही है।
महिलाओं की भागीदारी और चुनावी माहौल पर सवाल
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने चुनाव के दौरान हुई हिंसा, पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले और राजनीतिक दफ्तरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में केंद्रीय बलों की अत्यधिक तैनाती के कारण एक तरह की समानांतर व्यवस्था जैसी स्थिति बन गई थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से कर्मियों को चुनाव ड्यूटी के लिए बुलाया गया था, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
बंगाल चुनाव को बताया ‘ट्रायल’, बीजेपी के रवैये पर सवाल
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव को बहुत नजदीक से देखा है और इस दौरान राजनीतिक भाषा और माहौल काफी चिंताजनक रहा। उनके अनुसार, भाजपा का रवैया और चुनावी रणनीति चौंकाने वाली थी।
अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि बंगाल में जो राजनीतिक प्रयोग किया गया, वह पहले उत्तर प्रदेश में भी कुछ हद तक देखने को मिला था। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा ने जिस तरह का राजनीतिक मॉडल अपनाया, उसे उन्होंने एक तरह का “ट्रायल” करार दिया।














