दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को आयोजित ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की एवं बल प्रयोग में एक युवक घायल हो गया। उसके सिर से लगातार खून बह रहा था, लेकिन इसके बावजूद वह पीछे हटने को तैयार नहीं था। इलाज कराने की सलाह मिलने के बावजूद युवक पुलिस के सामने डटा रहा और लगातार चुनौतीपूर्ण अंदाज में बातें करता रहा। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।
बहते खून के बीच भी नहीं मानी इलाज की बात
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोग युवक को बार-बार अस्पताल चलने और प्राथमिक उपचार कराने के लिए समझाते रहे। हालांकि, उसने इलाज कराने से साफ इनकार कर दिया। घायल युवक का कहना था कि उसे किसी चिकित्सा सहायता की जरूरत नहीं है। वह लगातार पुलिसकर्मियों की ओर इशारा करते हुए उनसे बहस करता रहा और प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए कहा कि इलाज की जरूरत उन्हें है, उसे नहीं।
पुलिसकर्मियों के सामने देता रहा चुनौती
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में घायल युवक पुलिसकर्मियों के सामने खड़े होकर लगातार चुनौतीपूर्ण बातें करता दिखाई देता है। वीडियो में वह कहता है कि यदि वह शहीद भी हो गया तो दोबारा जन्म लेकर वापस आएगा। इतना ही नहीं, वह एक पुलिसकर्मी के पास जाकर उससे सीधे संवाद करता है और कहता है कि यदि उसकी मौत हुई तो वह उसी के घर में जन्म लेकर लौटेगा। इस दौरान कई लोग उसे शांत कराने और इलाज के लिए ले जाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उसने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। उस समय युवक केवल बनियान पहने हुए था और उसके सिर व चेहरे पर काफी मात्रा में खून दिखाई दे रहा था।
‘हम शहीद हैं, हर युग में लौटेंगे’
घायल युवक ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास को याद रखना चाहिए। उसने कहा कि अंग्रेजों के दौर में भी भारतीयों पर अत्याचार हुए थे और उस समय भी अपने ही लोगों के हाथों हिंसा हुई थी। युवक ने दावा किया कि आज सिर्फ तरीका बदला है और अब लाठियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उसने कहा, "हम शहीद हैं, हर युग में जन्म लेंगे। तुम क्या सोचते हो कि हम मर जाएंगे? हम फिर लौटेंगे।" इसके साथ ही उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे जनता के सेवक हैं और जनता ही उनकी मालिक है।
‘चलो संसद’ मार्च में उमड़ी हजारों लोगों की भीड़
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राज्यों से आए लोग शामिल हुए। प्रदर्शन में कई ऐसे छात्र भी पहुंचे, जो अपने घरों से निकलकर आंदोलन में शामिल हुए थे। इसके अलावा बुजुर्ग, महिलाएं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर संसद की ओर मार्च करते नजर आए। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और जवाबदेही की मांग कर रहे थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई जगह हुई पुलिस कार्रवाई
प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। संसद की ओर बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए थे। जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज भी किया। देखते ही देखते पूरा इलाका प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों से भर गया। कई लोग रातभर ट्रेन और बस से सफर कर दिल्ली पहुंचे थे, जबकि कुछ बारिश से बचने के लिए छाते लेकर मार्च में शामिल हुए। वहीं, दंगा-रोधी उपकरणों से लैस पुलिसकर्मी पूरे क्षेत्र में तैनात रहे और आवश्यकता पड़ने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस बसों की भी व्यवस्था की गई थी।













