पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) गहरे आंतरिक संकट से जूझती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे हैं कि पार्टी का एक बड़ा धड़ा खुलकर असंतोष जताने लगा है, जबकि संसदीय स्तर से लेकर संगठनात्मक ढांचे तक में असहमति की आवाजें तेज होती जा रही हैं। कई जिलों और ब्लॉकों में नेताओं व कार्यकर्ताओं की लगातार गिरफ्तारियों ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। वहीं, कई स्थानीय नेता या तो गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हैं या क्षेत्र छोड़ चुके हैं।
जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच निराशा का माहौल है, और यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या पार्टी का वित्तीय ढांचा भी इस दबाव को झेल पाएगा। जेल में बंद या कानूनी मामलों का सामना कर रहे कार्यकर्ताओं को समय पर कानूनी सहायता नहीं मिल पा रही है, जिससे असंतोष और गहरा होता जा रहा है। कुल मिलाकर पार्टी के भीतर अव्यवस्था और टूटन जैसी स्थिति देखी जा रही है।
अभिषेक बनर्जी की चार्टर फ्लाइट यात्रा पर पार्टी में नाराजगी
ऐसे कठिन राजनीतिक माहौल के बीच TMC के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कथित लग्जरी लाइफस्टाइल और निजी विमान से यात्रा को लेकर उनकी ही पार्टी के भीतर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी के भीतर यह मुद्दा अब विवाद का रूप लेता दिख रहा है।
शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे इस बार भी चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए राजधानी गए। इस यात्रा को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने खुलकर असहमति जताई। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि वे चार्टर विमान से गए या नहीं, लेकिन अगर ऐसा हुआ है और इसका खर्च पार्टी फंड से उठाया गया है तो मैं इसका समर्थन नहीं करता।”
अभिषेक बनर्जी का जवाब—आलोचना पर दिया बयान
दिल्ली में जब पत्रकारों ने इस विवाद पर अभिषेक बनर्जी से सवाल किया तो उन्होंने प्रतिक्रिया को हल्के अंदाज में टालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “जो लोग यह कह रहे हैं कि मैं किससे यात्रा करता हूं, कैसे आता-जाता हूं, या कहां उतरता हूं—अगर वे मुझे लिखित में दें तो मैं इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने लगूंगा।”
उन्होंने आगे कहा कि कुणाल घोष उनके सहयोगी हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने सहयोगियों के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, भले ही उनके खिलाफ बयान दिए जाएं।
TMC में बढ़ती अंदरूनी खींचतान और बागी सुर
पार्टी के भीतर असंतोष केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा। बागी गुट के प्रमुख नेता ऋतब्रत ने भी बिना नाम लिए अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और खर्च को लेकर तीखा तंज कसा। विधानसभा परिसर में उन्होंने कहा, “हम कोलकाता से दिल्ली आने-जाने के लिए चार–पांच करोड़ रुपये खर्च करके चार्टर फ्लाइट का इस्तेमाल नहीं करेंगे।”
पांडवेश्वर के पूर्व विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के साथ मौजूद ऋतब्रत ने आगे कहा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई कार्यकर्ता अदालतों में केस लड़ने के लिए आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, जबकि कुछ नेता व्यक्तिगत स्तर पर संसाधन जुटाकर मदद कर रहे हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बागनान जैसे क्षेत्रों में नेता तक अपने गहने गिरवी रखकर कार्यकर्ताओं की कानूनी मदद कर रहे हैं। ऐसे में, जब जमीनी कार्यकर्ता संघर्ष कर रहे हों, तब किसी शीर्ष नेता द्वारा महंगे चार्टर विमान का इस्तेमाल करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
पार्टी के भीतर फैलता असंतोष, सहयोगियों में भी सवाल
यह असंतोष अब केवल बागी खेमे तक सीमित नहीं रहा। पार्टी के भीतर ऐसे नेता भी धीरे-धीरे सवाल उठाने लगे हैं जो अब तक ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े माने जाते थे। कुछ समय पहले पार्टी के भीतर असंतोष जताने वाली सांसद शताब्दी रॉय ने भी अभिषेक बनर्जी की जीवनशैली और कथित फिजूलखर्ची पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
इस तरह के बयानों ने TMC के भीतर चल रही खींचतान को और उजागर कर दिया है, जिससे संगठनात्मक एकता पर सवाल उठने लगे हैं।
निजी जेट और खर्च को लेकर पुराने आंकड़े भी चर्चा में
अभिषेक बनर्जी लंबे समय से एक निजी कंपनी के स्वामित्व वाले प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर का उपयोग करते रहे हैं। चुनाव आयोग (ECI) को दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 के मेघालय विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने इसी विमान का इस्तेमाल किया था, जिस पर लगभग 4 करोड़ रुपये का खर्च दर्ज किया गया था।
बताया जाता है कि यह विमान ब्राज़ील की एम्ब्रेयर कंपनी द्वारा निर्मित ‘ERJ-135BJ लिगेसी 600’ मॉडल है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसकी चार्टरिंग लागत लगभग 4 से 5 लाख रुपये प्रति घंटे तक बताई जाती है, जिसमें उड़ान का समय इंजन ऑन से ऑफ तक शामिल होता है।
इसके अलावा एयरपोर्ट हैंडलिंग चार्ज, पार्किंग शुल्क और विमान को बेस लोकेशन पर वापस भेजने का अतिरिक्त खर्च भी जुड़ता है। इसी वजह से कोलकाता से दिल्ली या दिल्ली से कोलकाता की एकतरफा या राउंड ट्रिप यात्रा पर कुल खर्च कई लाख रुपये तक पहुंच जाता है।













