अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप 2026 का समापन रविवार, 19 जुलाई को नए विश्व विजेता के साथ हुआ। लगातार दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने की उम्मीद लेकर उतरी अर्जेंटीना और उसके कप्तान लियोनेल मेसी का सपना फाइनल में टूट गया। स्पेन ने बेहद रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से शिकस्त देकर 16 साल बाद विश्व कप पर कब्जा जमा लिया। पूरे टूर्नामेंट में केवल एक गोल खाने वाली स्पेनिश टीम का मजबूत डिफेंस फाइनल में भी अभेद्य साबित हुआ और मेसी जैसे महान खिलाड़ी भी उसमें सेंध नहीं लगा सके। इसके साथ ही अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का अभियान अंतिम पड़ाव पर आकर समाप्त हो गया।
फाइनल का इकलौता और निर्णायक गोल फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में दागा। यह पूरे टूर्नामेंट में उनका पहला गोल था, लेकिन यही गोल स्पेन के लिए सबसे कीमती साबित हुआ। इस एक गोल ने स्पेन को विश्व कप ट्रॉफी दिलाई, जबकि दूसरी ओर फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिने जाने वाले लियोनेल मेसी की विश्व कप यात्रा भावुक अंदाज में समाप्त हुई। जीत के बाद टोरेस ने कहा, "यह सिर्फ मेरा गोल नहीं था, बल्कि स्पेन के 4.7 करोड़ लोगों का गोल था।"
2010 के बाद स्पेन ने दूसरी बार जीता विश्व कप
फेरान टोरेस को मैच के दौरान स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतारा गया था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाया और बाएं पैर से ऐसा सटीक शॉट लगाया जिसे अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज भी रोक नहीं सके। इस गोल ने स्पेन को 2010 के बाद दूसरी बार फुटबॉल विश्व कप का चैंपियन बना दिया।
स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में आठ मुकाबले खेले और सिर्फ एक गोल गंवाया। इसी के साथ उसने विश्व कप इतिहास में किसी चैंपियन टीम द्वारा सबसे कम गोल खाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर अर्जेंटीना, जिसने पूरे टूर्नामेंट में कई बार अंतिम क्षणों में शानदार वापसी कर जीत दर्ज की थी, फाइनल में वैसा कमाल दोहराने में सफल नहीं हो सकी।
उपविजेता का पदक ग्रहण करने के बाद लियोनेल मेसी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। स्टेडियम में मौजूद अर्जेंटीना के समर्थकों की ओर देखते हुए उन्होंने कहा, "हार का दुख जरूर है, लेकिन सच यही है कि स्पेन ने बेहतर खेल दिखाया। हमने अपनी ओर से पूरी ताकत लगा दी।" निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला अतिरिक्त समय तक पहुंचा, जहां स्पेन ने बाजी पलट दी।
स्पेन की महिला टीम भी 2023 में विश्व कप जीत चुकी है। ऐसे में स्पेन अब इतिहास का पहला देश बन गया है जिसने एक साथ पुरुष और महिला दोनों फुटबॉल विश्व कप अपने नाम किए हैं।
पूरे मुकाबले में स्पेन का रहा नियंत्रण
भले ही स्कोरलाइन केवल 1-0 रही हो, लेकिन पूरे मैच के दौरान स्पेन का दबदबा साफ दिखाई दिया। अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय के दूसरे हिस्से में कुछ आक्रामक प्रयास जरूर किए, लेकिन तब तक मैच उनके हाथ से निकल चुका था। स्पेन की टीम अब लगातार 38 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से अजेय है। इस दौरान उसने 29 मैच जीते हैं जबकि नौ मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यह किसी भी यूरोपीय टीम का सबसे लंबा अपराजेय अभियान बन गया है। इससे पहले इटली अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 के बीच लगातार 37 मैचों तक नहीं हारा था।
हार के बाद मेसी ने कहा, "हम हार गए हैं और इस सच्चाई को स्वीकार करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अब तक की हमारी उपलब्धियां खत्म हो गईं। मैं अपने देश, अपने साथियों और सभी समर्थकों का धन्यवाद करता हूं। हमने अंत तक पूरी कोशिश की।"
अर्जेंटीना को मुकाबले के अंतिम क्षणों में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में एक खिलाड़ी को स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबारासी से खतरनाक टक्कर के बाद दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया, जिसके चलते टीम को बड़ा झटका लगा।
मैच के आंकड़े भी स्पेन की श्रेष्ठता को दर्शाते हैं। स्पेन ने गोल पर कुल 20 शॉट लगाए, जबकि अर्जेंटीना का पहला गंभीर प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में देखने को मिला। शुरुआती दस कॉर्नर किक में से नौ स्पेन के खाते में गईं। हालांकि अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 बचाव किए और टीम को लंबे समय तक मुकाबले में बनाए रखा।
मेसी का जादू भी नहीं बचा सका अर्जेंटीना को
मुकाबले के अंतिम क्षणों में मेसी ने आखिरी सीटी बजने से करीब चार मिनट पहले एक कॉर्नर किक ली। गेंद स्थानापन्न खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन तक पहुंची, जिन्होंने हेडर का प्रयास किया, लेकिन गेंद क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। यह अर्जेंटीना के लिए बराबरी का सबसे बड़ा मौका था, जो हाथ से निकल गया।
मैच के बाद फेरान टोरेस ने कहा, "जब सामने मेसी जैसा खिलाड़ी हो तो दबाव महसूस होना स्वाभाविक है। लेकिन हमने पूरी टीम के रूप में अपना खेल खेला और वही हमारी सबसे बड़ी ताकत रही।"
इस जीत के साथ स्पेन के मुख्य कोच लुईस डे ला फुएंते 65 वर्ष की उम्र में विश्व कप जीतने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए। वहीं अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने हार स्वीकार करते हुए कहा, "निराशा जरूर है, लेकिन हमने पूरी कोशिश की। स्पेन इस दिन बेहतर टीम साबित हुई।"
39 वर्षीय लियोनेल मेसी पहले ही संकेत दे चुके थे कि यह उनका अंतिम विश्व कप हो सकता है। उनके शानदार करियर ने दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों को अनगिनत यादगार पल दिए हैं। मेसी ने अपने करियर में 2022 विश्व कप, 2008 बीजिंग ओलंपिक का स्वर्ण पदक, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका खिताब समेत कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। साथ ही उन्हें 19 वर्षों में 16 बार अर्जेंटीना का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की मेजबानी में आयोजित 48 टीमों वाले इस विश्व कप का यह कुल 104वां मुकाबला था। फाइनल देखने के लिए हॉलीवुड अभिनेता टॉम क्रूज, ब्रैड पिट, डेनियल क्रेग, जेनिफर हडसन और जेनिफर कोनोली सहित कई बड़ी हस्तियां स्टेडियम में मौजूद थीं। वहीं फुटबॉल के दिग्गज पूर्व खिलाड़ी काका, जिनेदीन जिदान, डेविड बैकहम, दिदिएर ड्रोग्बा, रोनाल्डो और रोनाल्डिन्हो भी दर्शक दीर्घा में नजर आए। मेटलाइफ स्टेडियम में करीब 80 हजार दर्शकों की मौजूदगी और दुनिया भर में अरबों लोगों की निगाहों के बीच स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब अपने नाम कर लिया।














