
उत्तराखंड में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। कभी बादल फटने से तबाही मचती है, तो कभी अचानक आई बाढ़ जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर देती है। पहाड़ों पर लगातार हो रहे भूस्खलन ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसी बीच नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर एक ऐसा हादसा होते-होते टल गया, जिसने सभी को दहला दिया।
दरअसल, हल्द्वानी से नैनीताल की ओर जा रही एक टैक्सी पर अचानक एक विशाल पत्थर ऊपर से आ गिरा। यह बोल्डर सीधे वाहन के बोनट पर आकर गिरा, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि अंदर बैठे यात्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए। सोशल मीडिया पर इस घटना कि तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही है और देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
स्थानीय मदद से वाहन हटाया गया
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने यात्रियों की मदद की। कार को सड़क से हटाकर सुरक्षित जगह ले जाया गया। हालांकि, इस दौरान कुछ समय तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को सामान्य कराया। नैनीताल के एडीएम विवेक राय ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सतर्कता बरतें और जरूरत न होने पर यात्रा से बचें।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
पिछले 48 घंटों से हल्द्वानी समेत आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो रही है। नतीजतन, पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों में कई सड़कें मलबे से बाधित हो चुकी हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। गौला, कोसी और नंधौर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे निचले इलाकों में लोगों को राहत शिविरों में भेजना पड़ा है।
कई मार्ग बंद, यातायात प्रभावित
भारी बारिश और मलबा आने से अल्मोड़ा-नैनीताल हाईवे क्वारब के पास बंद कर दिया गया है। नैनीताल रोड पर भी लगातार पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हल्द्वानी के चोरगलिया इलाके में शेरनाला के उफान से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन लगातार नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।
किसानों के लिए नई मुसीबत
मैदानी इलाकों में नदियों के कटाव ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। कई खेत बहाव में आ चुके हैं और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। एडीएम विवेक राय ने फिर दोहराया कि लोग तभी यात्रा करें जब बेहद जरूरी हो और नदी किनारे रहने वाले परिवार तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर चले जाएं।














