
हरिद्वार, जहां गंगा की लहरों में आस्था बहती है और हर कोने में श्रद्धालुओं की प्रार्थनाएं गूंजती हैं, अब वहां एक नया संकट खड़ा हो गया है। यहां धर्म की आड़ में फर्जी बाबाओं की फौज खड़ी हो गई थी, जो श्रद्धा का चोला ओढ़े लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे थे। लेकिन अब इन पर शिकंजा कसने का वक्त आ चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार पुलिस ने एक अहम ऑपरेशन की शुरुआत की है, जिसका नाम रखा गया है – ‘ऑपरेशन कालनेमी’।
इस ऑपरेशन की शुरुआत होते ही हरिद्वार की सड़कों से लेकर मंदिर परिसरों तक हलचल मच गई। पहले ही दिन, पुलिस ने 50 से ज्यादा ऐसे संदिग्धों को पकड़ा जो साधु-संतों की वेशभूषा में घूम रहे थे, लेकिन असल में इस पवित्र वेश को सिर्फ ढाल बनाकर गलत मंशा छिपा रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि इनमें से 6 व्यक्ति मुस्लिम समुदाय से थे, जो भगवा वस्त्र पहनकर खुद को बाबा बता रहे थे।
AI बना पुलिस का सबसे सटीक हथियार
इस पूरे ऑपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेस रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी पुलिस की सबसे बड़ी ताकत बनी। 350 से ज्यादा कैमरों से लैस कमांड कंट्रोल सेंटर से हरिद्वार की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। हर की पौड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई।
सिर्फ भिक्षा नहीं, आस्था से भी खिलवाड़
ये कथित बाबा सिर्फ भीख मांगने तक सीमित नहीं थे, बल्कि कुछ लोगों पर तंत्र-मंत्र और चमत्कारों के नाम पर ठगी का आरोप भी है। हरिद्वार पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई लोग साधुओं की तरह भेष बनाकर लोगों की आस्था से खेल रहे हैं। इस ऑपरेशन ने ऐसे कई नकली साधुओं को बेनकाब किया है।
नाम सामने आए तो श्रद्धालु भी रह गए स्तब्ध
अब तक जिन 6 मुस्लिम बाबाओं को गिरफ्तार किया गया है, उनमें शामिल हैं:
रफीक अंसारी, भागलपुर, बिहार
महबूब, बरेली, उत्तर प्रदेश
मोहम्मद अहमद, हरदोई, उत्तर प्रदेश
रशीद, राजगढ़, मध्य प्रदेश
मोहम्मद इमरान, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
जैन उद्दीन, अररिया, बिहार
कांवड़ यात्रा के बहाने घुसपैठ का शक
चूंकि सावन का पावन महीना चल रहा है और हरिद्वार में कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है, इसीलिए यह ऑपरेशन और भी महत्वपूर्ण हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य तीर्थनगरी हरिद्वार की धार्मिक गरिमा को सुरक्षित रखना और श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना है।
हरिद्वार पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक ऐसी पहल है जो आस्था को ठगने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश देती है। श्रद्धा की चादर ओढ़कर धोखा देने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।














