
उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रावत ने दावा किया कि 2022 में कांग्रेस में शामिल होने से पहले बीजेपी ने उन्हें तीन विधानसभा सीटों का प्रस्ताव दिया था। यह खुलासा बीजेपी के खिलाफ रावत की लगातार आलोचनाओं के बीच हुआ है, जिनमें वे पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर कई बार सवाल उठाते रहे हैं।
रावत के अनुसार, "2022 में बीजेपी से बाहर होने से पहले, अमित शाह ने मुझसे संपर्क किया और मुझे तीन विधानसभा सीटों का प्रस्ताव दिया। उनका कहना था कि अगर मैं बीजेपी में रहूं, तो मुझे इन सीटों पर टिकट मिलेगा। लेकिन इसके साथ ही यह चेतावनी दी गई कि यदि मैं इन शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तो मुझे और मेरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।" रावत के मुताबिक, इस प्रस्ताव को उन्होंने नकार दिया और बीजेपी छोड़कर कांग्रेस का रुख किया।
बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का कारण
हरक सिंह रावत 2022 में बीजेपी से निष्कासित होने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए थे। रावत ने कहा कि बीजेपी में रहते हुए उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई, लेकिन पार्टी ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया। रावत ने यह भी खुलासा किया कि अमित शाह का प्रस्ताव उनके लिए स्वीकार्य नहीं था, और इसलिए उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, रावत की बेटी और दामाद को भी कांग्रेस ने टिकट दिया था, लेकिन वे चुनावी मुकाबले में हार गए थे।
पहले भी बीजेपी पर आरोप लगाए थे
यह पहला मौका नहीं है जब हरक सिंह रावत ने बीजेपी के खिलाफ बयान दिए हैं। इससे पहले भी, रावत ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने उत्तराखंड में खनन से प्राप्त धन का गलत इस्तेमाल किया और पार्टी के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनवाए। रावत ने यह भी कहा था कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) निष्पक्ष जांच करे, तो बीजेपी के कई नेता दोषी पाए जाएंगे।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी नेताओं ने रावत के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हरक सिंह रावत लगातार बीजेपी पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। अगर उनके पास कुछ ठोस सबूत हैं, तो उन्हें अदालत में पेश करना चाहिए। मीडिया में बयानबाजी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।" बीजेपी का यह भी कहना है कि रावत के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और इनका कोई आधार नहीं है।
क्या है रावत का अगला कदम?
यह देखना दिलचस्प होगा कि हरक सिंह रावत की ओर से बीजेपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का क्या असर होता है। रावत अब कांग्रेस में हैं, और उनका बीजेपी पर हमला निश्चित रूप से उत्तराखंड की राजनीति में नए मोड़ का संकेत दे सकता है।














