उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 2 नवंबर को गोंडा में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने सपा को उत्तर प्रदेश के लिए 'अभिशाप' बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी जब भी सत्ता में आई, प्रदेश में अराजकता और अव्यवस्था का माहौल बना। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर विकास कार्यों में भेदभाव करने और गोंडा में खाद्यान्न घोटाला होने का भी आरोप लगाया। गोंडा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने गौरा और मनकापुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में 28 का लोकार्पण और 41 का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चेक भी वितरित किए गए।
सपा सरकार के कार्यकाल पर खाद्यान्न घोटाले का आरोप
जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान गोंडा में खाद्यान्न से जुड़ा बड़ा घोटाला हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा जब-जब सत्ता में आई, प्रदेश में अराजकता को बढ़ावा मिला और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सपा उत्तर प्रदेश के लिए अभिशाप है। उनके मुताबिक, पार्टी के सत्ता में आने पर विकास के बजाय अव्यवस्था का माहौल बनता रहा। खाद्यान्न घोटाले को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में उन्होंने अपने भाषण में कोई विस्तृत जांच रिपोर्ट या आंकड़े पेश नहीं किए।
'पहले विकास कुछ चुनिंदा इलाकों तक सीमित था'
योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर विकास कार्यों में क्षेत्रीय भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के सभी हिस्सों तक समान रूप से नहीं पहुंचता था और कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती थी। उन्होंने सैफई का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले विकास कार्यों का दायरा कुछ खास इलाकों तक सीमित रहता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों, 350 तहसीलों, 825 विकास खंडों और 762 नगरीय निकायों में विकास कार्य करा रही है। उन्होंने दावा किया कि अब योजनाओं को किसी खास क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
गोंडा, बहराइच और बलरामपुर में बिजली आपूर्ति का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था को लेकर भी पिछली और मौजूदा सरकारों के बीच अंतर बताने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पहले बिजली आपूर्ति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रहती थी। रामपुर और सैफई जैसे स्थानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब गोंडा, बहराइच और बलरामपुर जैसे जिलों को भी बिजली मिल रही है। योगी ने कहा कि प्रदेश में विकास के मामले में किसी जिले के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। सरकार की ओर से बुनियादी सुविधाओं और विकास योजनाओं को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
मुफ्त राशन और कल्याणकारी योजनाओं को बताया सरकार की उपलब्धि
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ देने में अब किसी व्यक्ति का चेहरा या क्षेत्र नहीं देखा जाता। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाना है। गोंडा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चेक दिए गए।
बीजेपी को आस्था और सपा-कांग्रेस को अपराध का प्रतीक बताया
योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी और विपक्षी दलों की विचारधारा में अंतर बताते हुए कहा कि भाजपा का अर्थ आस्था है। उनके मुताबिक, बीजेपी लोगों की धार्मिक आस्था का सम्मान करने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए काम करती है। वहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इन दलों को अपराध और कुशासन का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इन पार्टियों के शासनकाल में अपराधियों को बढ़ावा मिला। उन्होंने बीजेपी को बदलाव लाने वाली पार्टी के रूप में पेश किया।
गोरखपुर में भी सपा पर लगाया था 1500 दंगों का आरोप
गोंडा में सपा पर हमला बोलने से एक दिन पहले, 1 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के चौरी-चौरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भी समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया था। वहां उन्होंने आरोप लगाया था कि सपा की चार सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में 1,500 दंगे हुए। उन्होंने यह दावा भी किया था कि सपा सरकारों के दौरान 10 लाख गुंडों को संरक्षण मिला। इसके मुकाबले मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल में 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही थी। ये आंकड़े मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए राजनीतिक बयान का हिस्सा थे। गोंडा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, बिजली, राशन और पिछली सरकारों के कामकाज को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उनके भाषण का बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना और बीजेपी की नीतियों का बचाव करने पर केंद्रित रहा।













