राजस्थान के सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 90वें स्थापना दिवस पर आयोजित नवदशकोत्सव एवं ग्लोबल समिट में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया गया। राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय योग परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की 90 वर्षों की यात्रा को सेवा, साधना, शांति और विश्व बंधुत्व का प्रेरक उदाहरण बताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और आबूराज क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
नितिन नवीन ने संस्थान की थीम ‘जागृति से कर्म तक’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूकता तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने विचारों को व्यवहार और कर्म में उतारे। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए केवल अच्छे विचार पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपने आचरण में भी अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और सहयोग भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषताएं हैं। सेवा को केवल किसी आयोजन या कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जीवन का स्वभाव बनाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से ‘मैं’ की भावना से ऊपर उठकर ‘हम’ के दृष्टिकोण के साथ समाज और राष्ट्र के हित में काम करने का आह्वान किया। उनके मुताबिक, जब व्यक्ति व्यक्तिगत हितों के बजाय सामूहिक कल्याण को प्राथमिकता देता है, तब सामाजिक सहयोग और सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं मजबूत होती हैं।
महिला नेतृत्व को बताया समाज और राष्ट्र के विकास की ताकत
नितिन नवीन ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान की आध्यात्मिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान ने अर्बुदांचल की भूमि को योग, साधना और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया है। उन्होंने संस्थान में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं का ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वुमन-लेड डेवलपमेंट’ यानी महिला नेतृत्व वाले विकास के दृष्टिकोण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल विकास योजनाओं का लाभार्थी मानने के बजाय नेतृत्व की भूमिका में आगे बढ़ाना समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
नितिन नवीन के मुताबिक, मातृशक्ति का नेतृत्व सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। ब्रह्माकुमारी संस्थान में महिलाओं की सक्रिय भूमिका इस दिशा में उल्लेखनीय उदाहरण है।
नशामुक्त युवा ही देश के भविष्य को बना सकते हैं मजबूत
कार्यक्रम में नशामुक्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। नितिन नवीन ने कहा कि देश के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए युवाओं को नशे से दूर रखना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू हुए नशामुक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान और सरकार के संयुक्त प्रयासों से नशामुक्ति का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी जरूरी है, ताकि इस अभियान का संदेश केवल आयोजनों तक सीमित न रहे और लोगों के व्यवहार में भी बदलाव आए।
2047 तक विकसित भारत बनाने का साझा संकल्प
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का साझा संकल्प होना चाहिए। राष्ट्र निर्माण में सरकार के साथ-साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से तीन प्रमुख संकल्प अपनाने का आह्वान किया। पहला, मूल्य शिक्षा को प्रत्येक युवा तक पहुंचाना; दूसरा, सेवा की भावना के साथ समाज और लोगों के बीच काम करना; और तीसरा, प्रकृति के प्रति अपने व्यवहार को बेहतर बनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का विकास, समाज के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण के संरक्षण की भावना विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकती है। संस्थान के 90वें स्थापना वर्ष के अवसर पर 90 लाख वृक्ष लगाने, एक लाख से अधिक रक्तदान करने और देश के 90 प्रमुख शहरों में आध्यात्मिक सभाएं आयोजित करने जैसे संकल्प भी सामने रखे गए। इन पहलों का उद्देश्य समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने राजयोग और भारतीय संस्कृति का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारतीय योग परंपरा को दुनिया भर में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान राजयोग के माध्यम से विश्व शांति और कल्याण के लिए काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के संदेश ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने इस माध्यम से विश्व समुदाय के सामने व्यापक कल्याण और सामूहिक जिम्मेदारी का विचार रखा।
उन्होंने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तथा सोमनाथ, काशी और महाकाल लोक में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से देश की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है।
संस्कृति और प्रकृति का संरक्षण कर रही राज्य सरकार
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश में आध्यात्मिक विकास और प्रकृति के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसके तहत देवालयों, संतों और लोक देवताओं से जुड़े तीर्थस्थलों का विकास किया जा रहा है। इन स्थानों पर पैनोरमा विकसित करने की पहल भी की जा रही है, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राजस्थान में इस अभियान के तहत 29 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खेजड़ी सहित 29 वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण के लिए विधेयक लाया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार गोवंश और गोपालकों के कल्याण के लिए भी काम कर रही है।
नदियों, पहाड़ों और वृक्षों को पूजनीय मानने की परंपरा पर जोर
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी परंपरा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ समस्त जीव-जगत, प्रकृति और पर्यावरण के कल्याण की कामना करती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक दृष्टिकोण में प्रत्येक जीव में शिव और मनुष्य में नारायण के दर्शन किए जाते हैं। उन्होंने गंगा और यमुना जैसी नदियों को माता, आबूराज और गिरिराज पर्वतों को देवता तथा खेजड़ी और पीपल जैसे वृक्षों को पूजनीय मानने की परंपरा का उल्लेख किया। उनके अनुसार, विश्व कल्याण के लिए प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सभी जीवों के प्रति सम्मान की भावना को अपनाना जरूरी है।
आबूराज में एयर स्ट्रिप के विकास के लिए केंद्र से समन्वय
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आबूराज में एयर स्ट्रिप के विकास के संबंध में केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होने से पर्यटन सहित अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सकता है। इससे क्षेत्र के विकास से जुड़ी संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम से पहले नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के शांतिवन में मेडिटेशन किया और लोक कल्याण की कामना की। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बी.के. मृत्युंजय सहित संस्थान के अन्य पदाधिकारी और देश-विदेश से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे।














