
उत्तर प्रदेश में विधानसभा मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा को भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है। अब मतदाता 26 दिसंबर तक अपने गणना प्रपत्र जमा कर सकेंगे। इस फैसले से इस अभियान में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों तक सभी ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई जा रही है कि अब कार्य 100 प्रतिशत पूरा किया जा सकेगा।
पहले एसआइआर के लिए 11 दिसंबर को अंतिम तिथि थी, लेकिन तब तक लगभग 50 प्रतिशत नो मैपिंग कार्य अधूरा रह गया था। इससे कार्य में लगे सभी अधिकारियों और मतदाताओं को अब पूरी तरह मौका मिलेगा कि वे अपने क्षेत्रों में गणना प्रपत्र भरने और मैपिंग कार्य को पूरा कर सकें।
इस महाअभियान में शुरुआत से ही क्षेत्रीय जागरूकता की कमी रही है। कई राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट भी अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर पाए। नतीजतन, बीएलओ को मतदाताओं के घर तक पहुंचने में कठिनाई हुई। कई बार घर ढूंढ लिए गए लेकिन मतदाताओं को सही तरीके से गणना प्रपत्र भरने में मदद नहीं मिल सकी।
इस वजह से जिले में कुल दस लाख 42 हजार मतदाता (कुल मतदाताओं का 40.95 प्रतिशत) अभी भी नो मैपिंग सूची में दर्ज हैं। देर से ही सही, अब मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ी है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस विस्तार से SIR अभियान अब अपनी पूरी क्षमता के साथ पूरा हो सकेगा और मतदाता सूची में सुधार के प्रयास सफल होंगे।














