
उत्तर प्रदेश में ठंड का असर सुबह और शाम के समय अब तेज़ हो गया है। कोहरे और धुंध ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है। लोग गर्म कपड़ों में सर्दी से बचाव कर रहे हैं, लेकिन साथ ही हवा में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय बन गया है। नोएडा-गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि लोग शहर को मानो गैस चैंबर में बदलते हुए देख रहे हैं।
हवा में प्रदूषण का स्तर गंभीर
दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है। सुबह से ही आसमान में धुंध और धुआं फैला हुआ है। यह इतना घना है कि सूरज की रोशनी भी धुंधली नजर आ रही है।
नोएडा और गाजियाबाद इस समय सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में हैं। इन शहरों के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है। उदाहरण के लिए, नोएडा के सेक्टर 125, सेक्टर 116 और सेक्टर 1 में AQI 390-400 के बीच है। गाजियाबाद के वसुंधरा, इंदिरापुरम, संजय कॉलोनी और लोनी इलाके में भी यही स्थिति है। मेरठ में AQI 332 रिकॉर्ड किया गया है, जबकि ग्रेटर नोएडा में यह 388 पर पहुंच गया।
सांस लेना हुआ मुश्किल
इस बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। डॉक्टरों ने मास्क पहनने और बाहर अनावश्यक समय बिताने से बचने की सलाह दी है। दोपहिया वाहन चालकों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ठंड और कोहरे की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार 14 नवंबर को प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी संभागों में मौसम शुष्क रहेगा। सुबह कहीं-कहीं मध्यम और छिछला कोहरा रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में कोहरे का सिलसिला जारी रहेगा। 17 नवंबर के बाद कोहरे में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है, लेकिन मौसम शुष्क ही रहेगा।
प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे गिर गया है। पिछले 24 घंटों में कानपुर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इटावा, फुर्सतगंज, बरेली और बाराबंकी में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम रहा।














