
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा क्षेत्र में अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) प्रवीण तिवारी ने एक अध्यापिका को छात्रों पर अनुचित सख्ती बरतने और अनुशासनहीन व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया है।
छात्रा के मुंह पर चिपका सेलोटेप
निलंबन आदेश के मुताबिक, अध्यापिका सुनीता सैनी को 12 नवंबर को निलंबित किया गया। उन्हें दोषी पाया गया कि उन्होंने एक छात्रा के होठों पर ‘सेलोटेप’ चिपकाकर उसे सजा दी। यह कदम न केवल बच्चों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से हानिकारक था, बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्यों के खिलाफ भी था।
अध्यापिका की झूठी शिकायतें
BSA प्रवीण तिवारी ने बताया कि सुनीता सैनी, स्वयं दोषी होने के बावजूद, वरिष्ठ अध्यापिकाओं के खिलाफ झूठी शिकायतें भेजकर विभाग को भ्रमित करने का प्रयास कर रही थीं। इस मामले पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए उन्होंने पलिया खंड के शिक्षाधिकारी रमन सिंह और जिला समन्वयक रेनू श्रीवास्तव से पूरी जांच करवाई।
जांच रिपोर्ट के निष्कर्ष
जांच के दौरान यह सामने आया कि शिकायत करने वाली अध्यापिका ने शिक्षा के अधिकार और आचार संहिता का उल्लंघन किया। उन्होंने बच्चों को अनुचित सजा दी, कक्षा का पढ़ाई का माहौल बिगाड़ा और अपने वरिष्ठों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर विभाग को गुमराह करने की कोशिश की।
अध्यापिका का निलंबन
दो सदस्यों वाली जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर, सुनीता सैनी को निलंबित कर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।














