
उत्तर प्रदेश के कई शहरों में “आई लव मोहम्मद” विवाद के चलते हाई अलर्ट जारी है। इस विवाद ने बरेली, संभल, मेरठ और सहारनपुर समेत पश्चिम यूपी के कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था को चौकस कर दिया है। शुक्रवार की जुमे की नमाज़ को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क हैं और संवेदनशील इलाकों में पीएसी और आरआरएफ के जवान तैनात किए गए हैं।
बरेली में कड़ी सुरक्षा और इंटरनेट बंदी
सबसे पहले बरेली में सुरक्षा बढ़ाई गई। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं हाई अलर्ट पर हैं। इस दौरान बरेली स्थित आला हज़रत दरगाह के वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से जुमे की नमाज़ के बाद शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है। सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन निगरानी के लिए भी तैनात किए गए हैं।
संभल और अन्य जिलों में सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल के चार जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संभल में भी पीएसी और आरआरएफ की तैनाती की गई है। दशहरा के मद्देनजर गुरुवार को पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान सड़कों पर तैनात हैं। ड्रोन के जरिए संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है।
26 सितंबर की हिंसा और प्रदर्शन
26 सितंबर को शुक्रवार की नमाज़ के बाद बरेली कोतवाली क्षेत्र में एक मस्जिद के बाहर लगभग 2,000 लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पथराव की भी खबरें आई थीं। मौलवी तौकीर खान द्वारा आहूत “आई लव मुहम्मद” पोस्टर विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन रद्द होने से अशांति फैल गई थी। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।














