
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लगातार गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहारा बन रही है। इस वर्ष जिले को 575 बेटियों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य मिला है, जबकि इसके मुकाबले अब तक 1200 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 1000 आवेदन पात्र पाए गए हैं। आवेदनों की अधिकता को देखते हुए विभाग को लाभार्थियों के चयन के लिए प्रथम आओ, प्रथम पाओ की प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना में अब सरकार प्रत्येक लाभार्थी जोड़े पर एक लाख रुपये तक की सहायता देगी। नई व्यवस्था के अनुसार, 60 हजार रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से वधू के बैंक खाते में जमा किए जाएंगे। इसके अलावा, 25 हजार रुपये मूल्य का उपहार पैकेज भी प्रदान किया जाएगा। वहीं शादी समारोह के आयोजन खर्च के लिए 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा निर्धारित किए गए हैं।
योजना की धनराशि में बढ़ोतरी ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत दी है। पहले जहां विभाग को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, वहीं अब लक्ष्य से दुगुना आवेदन आने लगे हैं। बजट बढ़ने के बाद लोगों की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके चलते लाभार्थियों के चयन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम दिसंबर के पहले सप्ताह में आयोजित होने की तैयारी में है। आयोजन से पहले संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव ने बताया कि इस बार पात्र लाभार्थियों की संख्या लक्ष्य से काफी अधिक है। उन्होंने कहा, “जिन पात्र आवेदकों का चयन इस बार नहीं हो पाएगा, उन्हें लक्ष्य बढ़ने पर योजना का लाभ अवश्य दिया जाएगा।”














