
सुलतानपुर जनौली के पास गंगा एक्सप्रेस-वे पर रविवार की रात एक तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने पैदल जा रहे सात लोगों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक किशोरी सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना स्थल पर अफरातफरी
हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। अपर पुलिस अधीक्षक भी घटना स्थल पर पहुंचे। भीड़ के कारण जगतपुर-डलमऊ रोड पर लंबा जाम लग गया। लोग हादसे के शॉक में थे और घायलों को लेकर चिंता में डूबे हुए थे।
कौन थे हादसे के शिकार
जगतपुर के कोडर निवासी रिया पटेल, प्रिया पटेल, हिमांशी, शालिनी, रश्मि, साधना और महिला आसमा चूली उस गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने गई थीं। वहां से सभी लोग पैदल लौट रही थीं कि इसी दौरान गंगा एक्सप्रेस-वे पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने उन्हें कुचल दिया।
हादसे में हिमांशी और शालिनी की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तुरंत जगतपुर सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान आसमा और रश्मि ने भी दम तोड़ दिया। शेष तीन घायलों का इलाज अभी जारी है।
एंबुलेंस सेवा पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना की सूचना पर करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन दरवाजा खुलने में भी आधा घंटे लग गया। यह देख मौके पर मौजूद लोग गुस्से में आगबबूला हो गए। पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
घायलों के परिवारजन ने कहा कि आपातकालीन एंबुलेंस का इस तरह बदहाल होना जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है।
घंटों तक जाम में फंसे वाहन
बताया गया कि लक्ष्मणपुर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर लंबा जाम लग गया। लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगी रही। इस वजह से घायलों को सीएचसी तक दूसरी एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी और उन्हें अन्य वाहनों से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। इस दौरान पुलिस को जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस की कार्रवाई
सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया है। हादसे में इस्तेमाल कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश जारी है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।














