
बहजोई। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत जारी की गई अनंतिम मतदाता सूची के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा उन 1,07,958 मतदाताओं को लेकर है, जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है। इन मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में बने हुए हैं, लेकिन अब इन्हें नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वहीं, जिन मतदाताओं के नाम जांच के दौरान कटौती की श्रेणी में पाए गए थे, उन्हें अनंतिम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। जारी की गई इस ड्राफ्ट सूची में जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की अलग-अलग अनंतिम मतदाता सूचियां शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार जिन 1,07,958 मतदाताओं की मैपिंग अधूरी रही है, उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए नोटिस भेजे जाएंगे।
क्यों पूरी नहीं हो पाई मैपिंग?
अधिकारियों के मुताबिक मैपिंग न हो पाने का मुख्य कारण यह है कि तय किए गए तीन मानकों में से कोई भी पूरा नहीं हो सका। इन मानकों में शामिल था—
वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं मतदाता का नाम होना,
या फिर माता-पिता का नाम सूची में दर्ज होना,
अथवा दादा-दादी या नाना-नानी में से किसी का नाम 2003 की सूची में होना।
जिन मामलों में यह पारिवारिक कड़ी प्रमाणित नहीं हो पाई, वहां मैपिंग संभव नहीं हो सकी।
नोटिस मिलने के बाद क्या करना होगा?
प्रशासन की ओर से ऐसे सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद यदि संबंधित व्यक्ति निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना दावा और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची में बना रहेगा और अंतिम सूची में भी शामिल किया जाएगा। समय पर जवाब न देने की स्थिति में नाम हटने का खतरा बना रह सकता है।
विधानसभा वार कितनों को मिलेगा नोटिस?
एसआईआर के आंकड़ों पर नजर डालें तो विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार नोटिस पाने वाले मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है—
गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र: 41,162 मतदाता
चंदौसी विधानसभा क्षेत्र: 31,586 मतदाता
असमोली विधानसभा क्षेत्र: 18,986 मतदाता
संभल विधानसभा क्षेत्र: 16,224 मतदाता
इस तरह पूरे जिले में कुल 1,07,958 मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें नोटिस जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया जाएगा।
नए मतदाताओं के लिए भी खुला रास्ता, फार्म-6 से होगा नाम दर्ज
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिन नागरिकों की उम्र 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या होने वाली है, वे फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें घोषणा पत्र के साथ आयु और निवास से संबंधित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
इतना ही नहीं, यदि किसी मतदाता का नाम एसआईआर गणना के दौरान किसी वजह से हट गया है, तो वह भी दोबारा फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध है। दावे-आपत्तियों की अवधि में प्राप्त सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा और पात्र पाए जाने पर नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
विधानसभा वार कितने नाम घटे, पूरी तस्वीर सामने आई
एसआईआर के बाद जिला प्रशासन ने विधानसभा स्तर पर संशोधित मतदाता आंकड़े जारी किए हैं, जिनसे साफ है कि जनपद में बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है। चारों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 3,18,601 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कम हुए हैं। संभल विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1,53,926 नाम घटे। यहां एसआईआर से पहले 3,72,338 मतदाता थे, जो अब घटकर 2,18,412 रह गए हैं।
चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में 99,093 मतदाताओं के नाम कटे, जहां संख्या 3,99,331 से घटकर 3,00,238 हो गई। गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव हुआ—यहां 4,19,373 से घटकर 3,24,062 मतदाता रह गए, यानी 95,311 नाम कम हुए।
असमोली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम कटौती दर्ज की गई, जहां 3,79,264 में से 50,271 नाम हटे और संशोधित संख्या 3,28,993 रह गई।
जिले की कुल मतदाता स्थिति
जिले में चारों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 857 मतदान केंद्र और 1,792 बूथ हैं। एसआईआर से पहले जनपद में कुल 15,70,306 मतदाता दर्ज थे, जबकि संशोधन के बाद यह संख्या घटकर 12,51,705 रह गई है। अब सभी की नजरें दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।














