
देशभर में इन दिनों धर्मांतरण के मुद्दे पर चर्चा तेज़ हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने इस मुद्दे पर एक विवादास्पद लेकिन विचारोत्तेजक टिप्पणी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक हिंदू धर्म के भीतर सामाजिक असमानता बनी रहेगी, तब तक धर्मांतरण की घटनाएं होती रहेंगी, और इन्हें कोई भी रोक नहीं सकता। रामजी लाल सुमन ने यह बयान उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। उनसे आगरा में सामने आए एक धर्म परिवर्तन के मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी, जिसमें एक हिंदू युवक ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। इस विषय पर उन्होंने साफ कहा कि धर्मांतरण की जड़ें हिंदू समाज के भीतर की सामाजिक विषमताओं में छिपी हुई हैं।
असमानता ही धर्मांतरण की मुख्य वजह
सपा सांसद ने जोर देकर कहा, "जब तक हिंदू समाज में ऊंच-नीच और जातिगत भेदभाव बना रहेगा, तब तक धर्म परिवर्तन जैसी घटनाओं पर रोक लगाना असंभव है।" उन्होंने कहा कि यह सामाजिक विषमता ही है जो कई दलितों और पिछड़े वर्गों को दूसरे धर्मों की ओर आकर्षित करती है, जहां उन्हें बराबरी और सम्मान की उम्मीद दिखती है।
विवेकानंद और गांधी का हवाला
रामजी लाल सुमन ने अपनी बात को और मज़बूती देने के लिए स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने भी चेताया था कि अगर हिंदू धर्म में समानता नहीं आई, तो इसका भविष्य संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा, "स्वामी विवेकानंद ने हमेशा जातिगत भेदभाव का विरोध किया और समानता को धर्म की आत्मा बताया।"
#WATCH | Firozabad, Uttar Pradesh | Samajwadi party MP Ramji Lal Suman says, "Unless there is equality in the Hindu religion, no one can stop religious conversions in the country..." (26.07) pic.twitter.com/5AjyIUmXFE
— ANI (@ANI) July 27, 2025
सीएम आवास का उदाहरण देकर सवाल
अपने वक्तव्य में सपा सांसद ने समाज में व्याप्त मानसिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ा, तो नए मुख्यमंत्री द्वारा उस आवास को गंगाजल से शुद्ध कराया गया — क्या यह समानता की भावना है या फिर भेदभाव की गहरी जड़ें? उन्होंने कहा, "यह दर्शाता है कि असमानता सिर्फ परंपराओं में नहीं, बल्कि सोच में भी गहराई से बसी है।"
धर्म परिवर्तन का जिम्मेदार कौन?
रामजी लाल सुमन ने हिंदू धर्म के ठेकेदारों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब मंदिरों में दलितों और पिछड़ों को प्रवेश से वंचित किया जाता है, उनके साथ भेदभाव होता है, तो धर्मांतरण एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया बन जाती है। उन्होंने कहा, "जो लोग खुद को हिंदू धर्म के रक्षक मानते हैं, वही वास्तव में धर्मांतरण के लिए जिम्मेदार हैं।"
छांगुर बाबा केस से और भड़की बहस
इन दिनों उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन का मामला भी सुर्खियों में है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक बड़े स्तर पर धर्मांतरण नेटवर्क खड़ा किया, जिसके तहत करीब 4,000 लोगों ने धर्म परिवर्तन किया। आरोप है कि इस नेटवर्क में आर्थिक प्रलोभन और प्रेमजाल का सहारा लेकर हिंदू और अन्य गैर-मुस्लिम लोगों को इस्लाम में परिवर्तित किया गया। यह मामला सामने आने के बाद पूरे देश में धर्म परिवर्तन पर बहस और तेज़ हो गई है। हर तरफ इस बात पर चर्चा हो रही है कि आखिर समाज में ऐसी स्थिति क्यों बन रही है, जहां लोग अपने जन्मजात धर्म को त्यागने पर मजबूर हो रहे हैं।














