
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने सोमवार, 28 जुलाई को एक विशेष अभियान में मार गिराया। इस कार्रवाई की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार, 29 जुलाई को लोकसभा में दी।
अमित शाह ने बताया कि ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत तीन कुख्यात आतंकवादी – सुलेमान उर्फ फैजल जट, जिबरान और अबू हमजा को ढेर कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये तीनों आतंकी हाल ही में बैसरन घाटी में हुए हमले के मास्टरमाइंड थे, जिसमें 26 निर्दोषों की जान गई थी।
सपा ने उठाए समय को लेकर सवाल
हालांकि, इस ऑपरेशन की टाइमिंग को लेकर समाजवादी पार्टी ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। लोकसभा में सपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूछा कि आखिरकार कल ही एनकाउंटर क्यों हुआ? उन्होंने कहा कि जब संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा हो रही थी, उसी समय ऑपरेशन महादेव शुरू हो गया — यह क्या महज इत्तेफाक है?
ऑपरेशन महादेव के लिए भारतीय सेना को बधाई, लेकिन क्या सरकार पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और देश को कोई सफाई नहीं देगी? ऑपरेशन सिंदूर पर जब सवाल उठाए गए, तभी ऑपरेशन महादेव में सब खत्म कर दिया गया — क्या यह सिर्फ संयोग है?#OperationSindoor #PahalgamTerrorAttack #OperationMahadev… pic.twitter.com/xyTpkp9MIU
— Abu Asim Azmi (@abuasimazmi) July 29, 2025
अबू आजमी ने जताई संदेह की भावना
सपा विधायक अबू आजमी ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा, "इतने दिनों से आतंकी सुरक्षाबलों की पकड़ से बाहर थे, लेकिन जैसे ही संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस शुरू हुई, वैसे ही यह बड़ी कार्रवाई हो गई। क्या ये सब सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कुछ और है?"
आजमी ने आगे कहा, "जो सरकार कहती है, वही सुरक्षाबल भी दोहराते हैं। पहले कहा जा रहा था कि आतंकी मिले नहीं हैं, पाकिस्तान पर कोई सीधा जवाबी हमला भी नहीं हुआ, और अब अचानक तीनों आतंकी एक ही दिन में मिल भी जाते हैं और मारे भी जाते हैं। लोग सच्चाई जानना चाहते हैं, सिर्फ़ घोषणाएं नहीं।"
भारत-पाक मैच का भी विरोध
अबू आजमी ने भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मुकाबलों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "जब दोनों देशों के बीच तनाव है और पाकिस्तान की ओर से आतंक फैलाया जा रहा है, तब क्रिकेट मैच खेलना बिल्कुल अस्वीकार्य है। हमें ऐसे मैचों का बहिष्कार करना चाहिए।"
क्या है पहलगाम हमला?
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध बैसरन घाटी में आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया था। इस घटना में टूरिस्ट गाइड समेत 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' नामक सैन्य अभियान शुरू किया, जिस पर इन दिनों संसद में बहस चल रही है।














