बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह बाहर कर दिया है। यह फैसला आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के बाद हुआ है। मायावती ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर 10 बिंदुओं का एक विस्तृत नोट साझा करते हुए आकाश आनंद को पार्टी से मुक्त करने की वजह बताई। इस बयान में उन्होंने आकाश आनंद के साथ-साथ अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक रवैये पर भी सवाल उठाए।
मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेना सही कदम है, लेकिन उन्होंने यह फैसला काफी देर से लिया। उन्होंने कहा कि यदि अशोक सिद्धार्थ ने पहले ही राजनीति छोड़ दी होती तो बीएसपी, बहुजन समाज, बहुजन मूवमेन्ट और आकाश आनंद को लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। मायावती ने यह भी कहा कि विधानसभा आम चुनाव और खासकर उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार बनाने की तैयारियों के बीच उन्हें पार्टी और मूवमेन्ट के व्यापक हित में कई बार कड़े फैसले लेने पड़े।
अशोक सिद्धार्थ के फैसले को बताया देर से उठाया गया कदम
मायावती ने अपने बयान में कहा कि अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेना देर से उठाया गया लेकिन सही कदम है। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि अशोक सिद्धार्थ को अपने दामाद आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और बीएसपी के व्यापक हित की वास्तविक चिंता होती तो वे बिना देरी के पहले ही संन्यास की घोषणा कर देते।
बसपा प्रमुख ने दावा किया कि ऐसा नहीं होने से उन्हें लगता है कि अशोक सिद्धार्थ की राजनीतिक महत्वाकांक्षा और अभिलाषा पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। यह मायावती का आरोप है, जिसे उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के फैसले के संदर्भ में रखा है।
बीएसपी की विचारधारा और निजी स्वार्थ का मुद्दा उठाया
मायावती ने अपने 10 बिंदुओं में बीएसपी की अम्बेडकरवादी राजनीति की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की पहचान त्याग, तपस्या, संघर्ष और कुर्बानी के साथ-साथ निजी और पारिवारिक स्वार्थ से दूर रहने की रही है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी से जुड़े लोगों को निजी और पारिवारिक हित तथा पद की लालसा से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
मायावती ने कहा कि बीएसपी के सामने बहुजन समाज को शासक वर्ग बनाने का बड़ा लक्ष्य है और उनके मुताबिक इतने बड़े लक्ष्य के लिए बड़ी कुर्बानी की भी जरूरत होती है। उन्होंने इसी विचार को पार्टी के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संदेश के तौर पर रखा।
आकाश आनंद के X पोस्ट को रिपोस्ट नहीं करने पर सवाल
मायावती ने आकाश आनंद के व्यवहार का भी अपने बयान में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद ने उनके आधिकारिक X अकाउंट से अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास से जुड़ी पोस्ट को रिपोस्ट नहीं किया। मायावती के अनुसार, यह पोस्ट आकाश आनंद के सकारात्मक और भलाई के लिए थी।
बसपा प्रमुख ने दावा किया कि इससे पहले आकाश आनंद उनके X पोस्ट को रिपोस्ट कर अपनी वफादारी दिखाने का प्रयास करते रहे हैं। इसी आधार पर मायावती ने आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ दोनों पर पार्टी तथा बहुजन मूवमेन्ट की सफलता की तुलना में निजी और पारिवारिक स्वार्थ को अधिक महत्व देने का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी कहा कि बीएसपी ने इन दोनों सहित कई अन्य लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। मायावती के बयान के मुताबिक, पार्टी और उसके नेतृत्व के प्रति लोगों को इसके लिए आभारी होना चाहिए।
आकाश आनंद के राजनीतिक करियर को लेकर मायावती ने उठाया सवाल
मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद के पार्टी से जुड़े भविष्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि आकाश आनंद के लिए रिश्ते-नाते और पारिवारिक लगाव पार्टी तथा बहुजन मूवमेन्ट के वास्तविक हित से अधिक महत्वपूर्ण हैं, तो ऐसी स्थिति में उनके लिए पार्टी और मूवमेन्ट का प्रभावी तरीके से काम करना मुश्किल होगा।
उन्होंने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि अगर आकाश आनंद इस मामले में दोहरी स्थिति में हैं तो वे बीएसपी और बहुजन मूवमेन्ट का भला कैसे कर सकते हैं।
3 सितंबर को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारियों से हुए थे मुक्त
मायावती ने बताया कि आकाश आनंद को इससे पहले 3 सितंबर 2026 को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक के महत्वपूर्ण पद की सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। अब उन्होंने इसी क्रम में आकाश आनंद को पार्टी से भी पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा की है।
अपने बयान में मायावती ने कहा कि यदि आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को अब बीएसपी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
अशोक सिद्धार्थ को पहले मायावती ने दी थी संन्यास की सलाह
आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई से पहले मायावती ने उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की सलाह दी थी। मायावती ने कहा था कि बीएसपी और बहुजन मूवमेन्ट के हित के अलावा अशोक सिद्धार्थ के परिवार और उनके दामाद आकाश आनंद के भविष्य को देखते हुए उनके पास अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़ने का अवसर है।
उन्होंने अशोक सिद्धार्थ से निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर पूरी तरह राजनीति छोड़ने की अपील की थी। इसके बाद बुधवार को अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी।
संन्यास के बाद भी आकाश आनंद पर कार्रवाई
अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से हटने के फैसले के बावजूद मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया। अपने 10 बिंदुओं के बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को पहले राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारियों से हटाया गया और अब उन्हें पार्टी से भी मुक्त कर दिया गया है।
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से क्या कहा
अपने बयान के अंतिम हिस्से में मायावती ने बीएसपी के लोगों से पार्टी के लक्ष्य के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की। उन्होंने विरोधियों के साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों का मुकाबला करने की बात कही।
मायावती ने खास तौर पर उत्तर प्रदेश में फिर से पूर्ण बहुमत हासिल करने और ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य को सर्वोपरि बताया और पार्टी के लोगों से पूरे तन, मन और धन से संघर्ष में जुटे रहने को कहा।













