उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में कदम रखने के ऐलान के बाद अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी भी चर्चा में है। 30 सितंबर को मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव से दिव्या मित्तल के राजनीतिक कदम को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें भी तय करना होगा कि वह “हरा और लाल रंग का गमछा” डालें। उनके इस बयान को समाजवादी पार्टी से जुड़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि दिव्या मित्तल ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।
दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद छोड़ी IAS की नौकरी
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने करीब 13 साल प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद अगस्त 2026 में IAS से इस्तीफा दिया था। इसके बाद 29 सितंबर को उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया। अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने उत्तर प्रदेश से करने की बात कही है।
दिव्या मित्तल ने फिलहाल खुद को किसी राजनीतिक पार्टी से जोड़ने से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वह किसी पार्टी के झंडे के नीचे काम करने के बजाय लोगों के साथ मिलकर राजनीति करना चाहती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी “कर्मभूमि” बताते हुए राज्य से ही अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने की बात कही है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव से दिव्या मित्तल के राजनीति में आने को लेकर सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने कहा, “अब उनको भी तय करना पड़ेगा कि वे हरा और लाल रंग का गमछा डाल लें।”
अखिलेश यादव के इस बयान में सपा के राजनीतिक रंगों का संदर्भ दिखाई देता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दिव्या मित्तल ने अभी समाजवादी पार्टी में शामिल होने की घोषणा नहीं की है। उन्होंने स्वतंत्र रूप से राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने की बात कही है।
इसलिए फिलहाल अखिलेश यादव की टिप्पणी को उनके राजनीतिक कदम पर की गई प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा सकता है। इसे दिव्या मित्तल के सपा में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।
बृजभूषण शरण सिंह को लेकर भी अखिलेश का बयान
इसी बातचीत के दौरान बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े सवाल पर भी अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके और बृजभूषण शरण सिंह के संबंध अच्छे हैं और उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर दोनों एक हैं। इसके साथ ही उन्होंने गमछे का जिक्र करते हुए कहा कि अब बृजभूषण शरण सिंह को तय करना होगा कि वह हरा गमछा पहनें या लाल गमछा।
अखिलेश यादव की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग नेताओं और नए राजनीतिक चेहरों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। बृजभूषण शरण सिंह को लेकर भी अखिलेश का बयान बुधवार की बातचीत में चर्चा का हिस्सा रहा।
राजनीति में आने के बाद दिव्या मित्तल का क्या रुख है?
पूर्व IAS अधिकारी ने राजनीति में आने की घोषणा करते हुए कहा है कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं जिनकी समस्याएं सरकारी कार्यालयों तक नहीं पहुंच पातीं या वहां पहुंचने के बाद भी सुनी नहीं जातीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने की बात कही है और फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने से इनकार किया है।
दिव्या मित्तल के प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश कैडर में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली थीं। राजनीति में आने की घोषणा के बाद अब उनके अगले कदम को लेकर चर्चा है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने अभी किसी पार्टी में शामिल होने या किसी खास सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इस तरह दिव्या मित्तल का राजनीति में प्रवेश फिलहाल स्वतंत्र राजनीतिक पहल के रूप में सामने आया है, जबकि अखिलेश यादव की “हरा और लाल गमछा” वाली टिप्पणी ने उनके संभावित राजनीतिक जुड़ाव को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।













