आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करने की अपील की है। केजरीवाल ने यह बात एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कही थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर दोबारा अपनी इस अपील को दोहराया।
केजरीवाल का कहना है कि CJP पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर चुकी है और अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अलग-अलग लोगों के इस्तीफे के लिए बार-बार जंतर-मंतर पर आंदोलन करने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की जाती।
केजरीवाल ने CJP को क्या संदेश दिया
टीवी इंटरव्यू में केजरीवाल ने CJP से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई और अब ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। उनका तर्क था कि ज्ञानेश कुमार ने जो भी किया, वह अपने लिए नहीं बल्कि अपने 'बॉस' के लिए किया।
केजरीवाल ने कहा कि अगर CJP को आंदोलन करना ही है तो उसे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बजाय नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को बार-बार जंतर-मंतर जाकर अलग-अलग इस्तीफों के लिए आंदोलन करने के बजाय आंदोलन की मांग को सीधे प्रधानमंत्री तक ले जाना चाहिए।
बाद में केजरीवाल ने अपने इंटरव्यू के इसी हिस्से का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने इसे CJP के लिए अपनी "स्पेशल अपील" बताया। वीडियो के साथ उन्होंने CJP की प्रशंसा करते हुए कहा, "कॉकरोचों ने देश में कमाल करके दिखाया है। उनसे मेरी यह स्पेशल अपील है।"
CJP की ओर से मांग पर सार्वजनिक जवाब नहीं
केजरीवाल की इस अपील के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की ओर से उनकी इस मांग पर तत्काल कोई जवाब सामने नहीं आया। इसी बीच केजरीवाल ने अपनी बात दोबारा सार्वजनिक की और अपने पहले दिए गए बयान का हिस्सा साझा किया।
CJP की ओर से घोषित आंदोलन का मूल मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। अभिजीत दीपके ने पहले कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से मुंबई से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और इसे देश के दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा।
2 अक्टूबर को मुंबई से शुरू होना है आंदोलन
CJP ने 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन मुंबई से अपने आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की थी। शुरुआती योजना के तहत शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित था। हालांकि, मुंबई पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई में "जेल भरो आंदोलन" करने की घोषणा की।
इससे आंदोलन के कार्यक्रम में बदलाव आया है। CJP की ओर से पहले जिस विरोध प्रदर्शन को लेकर घोषणा की गई थी, उसके लिए पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन ने जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है। अब 2 अक्टूबर के कार्यक्रम को लेकर CJP की आगे की गतिविधियां इसी घोषणा के अनुसार होंगी।
क्या आंदोलन की मांग बदलेगी?
केजरीवाल की अपील ऐसे समय आई है जब CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन पहले ही घोषित कर दिया है। इसलिए अब राजनीतिक चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि क्या CJP अपनी मुख्य मांग में कोई बदलाव करेगी या ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ ही आंदोलन आगे बढ़ाएगी।
फिलहाल केजरीवाल ने सार्वजनिक रूप से CJP से आंदोलन का एजेंडा बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करने की अपील की है, जबकि CJP की घोषित मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी हुई है। 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बाद CJP ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा की है।













