
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ आई, जिससे हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की मदद के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राहत पैकेज का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाढ़ पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा और इसके लिए जल्द ही फसलों का सर्वेक्षण किया जाएगा।
सहारनपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, जिसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, मुख्यमंत्री ने यूपी के किसानों के लिए राहत योजनाओं का खुलासा किया। सीएम योगी ने कहा कि जिन किसानों की फसलें जल-प्रलय और बाढ़ की चपेट में आई हैं, उनका तत्काल सर्वे किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद, नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा तुरंत प्रदान किया जाएगा।
सीएम ने आगे बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री तुरंत पहुंचाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वितरित होने वाली यही सामग्री आज 48 ट्रकों के माध्यम से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ पीड़ितों तक भी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब संकट का सामना सभी मिलकर करते हैं, तो मुश्किलें कम हो जाती हैं और राहत कार्य तेजी से संभव होता है।
इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहत सामग्री वाहनों को रवाना करते हुए कहा कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भेजे जा रहे 48 ट्रकों को वहां के प्रतिनिधियों के माध्यम से पीड़ितों तक पहुँचाया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश के लोग स्थानीय नागरिकों को राहत सामग्री का लाभ पहुंचाने में पूरी मदद करेंगे।
सीएम ने अंत में यह भी कहा कि यदि और सहायता की आवश्यकता पड़े, तो उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश की 25 करोड़ जनता हर पीड़ित के साथ खड़ी है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना और सहयोग का संदेश देते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर स्तर पर मदद के लिए तत्पर है।














