
कांग्रेस द्वारा जारी किए गए भ्रष्टाचार के आरोपों वाले पोस्टर ने इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद को उजागर कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस ने 272 पूर्व अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अभियान चलाया, जिनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल भी शामिल हैं। कांग्रेस के एक पोस्टर में दीपक सिंघल पर लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट में 1500 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का आरोप लगाया गया था। इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल ने आपत्ति जताते हुए कांग्रेस को तथ्यों की जाँच करने की सलाह दी है।
मनीष जगन अग्रवाल का फैक्ट-चेक
सपा नेता मनीष जगन अग्रवाल ने शनिवार शाम अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि गोमती रिवर फ्रंट कोई घोटाला नहीं है, बल्कि एक मॉडल प्रोजेक्ट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना के जरिए नदी की सफाई और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्य संवर्धन किया गया है। जगन ने कांग्रेस को सुझाव दिया कि दीपक सिंघल पर आरोप लगाने के लिए उन्हें किसी और मसले की तलाश करनी चाहिए। उनका कहना था कि रिवर फ्रंट एक बेहतरीन मॉडल है, जो देश की किसी भी नदी के सफाई और विकास के लिए उदाहरण बन सकता है।
गोमती रिवर फ्रंट का महत्व
दरअसल, लखनऊ का गोमती रिवर फ्रंट समाजवादी सरकार के प्रमुख विकास प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस प्रोजेक्ट ने न केवल नदी की सफाई की दिशा में नया आयाम दिया, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण में भी योगदान दिया। कांग्रेस द्वारा इस पर आरोप लगाने से सपा में नाराजगी उत्पन्न हुई है। फिलहाल, इस पर अखिलेश यादव या अन्य वरिष्ठ नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही कांग्रेस की तरफ से पलटवार हुआ है।
भ्रष्टाचार के आरोपों का पोस्टर अभियान
कांग्रेस ने राहुल गांधी पर आरोप लगाने वाले 272 पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ पोस्टर जारी किए। इनमें दीपक सिंघल का नाम भी शामिल है, जिन्होंने पहले राहुल गांधी के खिलाफ चिट्ठी पर दस्तखत किए थे। कांग्रेस का यह कदम राजनीति और गठबंधन के बीच तनाव को बढ़ाने वाला माना जा रहा है।














