
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में शुक्रवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। मुंबई से भागलपुर जा रही लोकमान्य तिलक भागलपुर एक्सप्रेस अचानक दो हिस्सों में बंट गई। घटना मझगांवा और टिकरिया रेलवे स्टेशन के बीच रात करीब 2 बजकर 54 मिनट पर हुई। ट्रेन की कपलिंग टूटने से पीछे के तीन डिब्बे बाकी ट्रेन से अलग हो गए। सौभाग्य से उस वक्त ट्रेन की गति धीमी थी, जिसके चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। टेक्निकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लगभग चार घंटे की मेहनत के बाद डिब्बों को दोबारा जोड़ा गया। इसके बाद सुबह करीब 7 बजे ट्रेन को सुरक्षित रवाना कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अलग हुए डिब्बों में करीब 200 से 250 यात्री सवार थे, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
तकनीकी खराबी बनी वजह
प्रारंभिक जांच में इस घटना की वजह तकनीकी खराबी या यांत्रिक दोष मानी जा रही है। कपलिंग के टूटने से ट्रेन का संतुलन बिगड़ गया था, लेकिन ड्राइवर की सूझबूझ और धीमी रफ्तार ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया।
जांच के आदेश और रेलवे की प्रतिक्रिया
रेलवे के झांसी मंडल के डीआरएम ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों ने साझा किया वीडियो, स्थानीयों ने जताई चिंता
घटना के बाद ट्रेन में सवार कई यात्रियों ने हादसे के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। वहीं, स्थानीय निवासियों ने रेलवे प्रशासन से ट्रैक और ट्रेन की नियमित तकनीकी जांच की मांग की है, क्योंकि हाल के महीनों में चित्रकूट क्षेत्र में लगातार रेल हादसों की घटनाएं सामने आ रही हैं।














