
धर्मांतरण रैकेट चलाने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को लेकर नए-नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, छांगुर बाबा धर्मांतरण के मकसद से दुबई से खास ट्रेनर बुलवाता था। इन ट्रेनरों का काम था — मासूम लोगों को मानसिक रूप से तैयार करना, यानी उनका ब्रेनवॉश कर इस्लाम की ओर आकर्षित करना। सोचिए, जो लोग अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी जी रहे थे, उनके दिमाग में ऐसी बातें भर दी जाती थीं कि वे अपनी पहचान से ही दूर होने लगें।
इतना ही नहीं, बाबा बड़े पैमाने पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ किताबें छापने की योजना में था। ऐसी किताबें जिनमें धर्म के प्रति नफरत भरने की सामग्री हो। मकसद ये था कि लोग अपने ही धर्म को गलत समझें और खुद को उससे काट लें। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की सोची-समझी साजिश थी।
सूत्र बताते हैं कि बाबा दुबई से मौलानाओं को मंगवाता था और खुद भी धर्मांतरण की ट्रेनिंग दिया करता था। इसके लिए उसने दो आलीशान कोठियों का निर्माण करवाया था, जिनके भीतर तहखाने जैसे गुप्त कमरे बनाए गए थे। इन जगहों पर गुप्त बैठकें और मानसिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते थे। ‘शिजर-ए-तैयबा’ नाम की किताब भी खास तौर से इस्लाम के प्रचार और दूसरे धर्मों के प्रति नफरत फैलाने के उद्देश्य से लिखी गई थी।
फिलहाल, छांगुर बाबा यूपी पुलिस की गिरफ्त में है। उसके करीबी, जैसे नीतू उर्फ नसरीन, पति जमालुद्दीन, बेटा महबूब आदि भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पूरा नेटवर्क अब एटीएस की रडार पर है। बीते दिनों बलरामपुर स्थित उसकी कोठी पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। जब प्रशासनिक अधिकारी अंदर पहुंचे तो वहां का नज़ारा देख दंग रह गए। कोठी किसी किले की तरह बनी थी, जिसमें सुरक्षा के तमाम इंतज़ाम और लग्ज़री सुविधाएं मौजूद थीं। ये सब देखकर यही लगा कि बाबा ने यह सब कुछ आम जिंदगी के लिए नहीं, बल्कि किसी बड़े और गुप्त एजेंडे के लिए बना रखा था।
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी हरकत में आ गया है। अवैध धर्मांतरण से जो काली कमाई हुई, उसका लेखा-जोखा निकाला जा रहा है। अब तक करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है। इतना ही नहीं, खाड़ी देशों से फंडिंग और पाकिस्तान कनेक्शन के संकेत भी मिले हैं। ऐसे में खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
यह भी सामने आया है कि ये पूरा नेटवर्क सिर्फ छांगुर बाबा तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक संगठित गैंग काम कर रहा है, जो अलग-अलग राज्यों में फैला है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल तक इसका असर फैला हुआ था। यह नेटवर्क सिर्फ धर्मांतरण ही नहीं, बल्कि 'लव जिहाद' जैसी साजिशों में भी लिप्त था। बताया जा रहा है कि छांगुर बाबा ने मुस्लिम युवकों की एक पूरी टीम तैयार कर रखी थी, जो लड़कियों को प्रेम के जाल में फंसाकर धर्मांतरण की ओर धकेलते थे।














