
बरेली के शीशगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार को एक जानलेवा हादसा हुआ, जिसमें पांच दोस्तों की सवारी करती कार अनियंत्रित होकर बहगुल नदी में गिर गई। कार को चला रहे आदिल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य चार साथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे की शुरुआती जांच में पता चला कि आदिल कार चलाना जानते थे, लेकिन पूरी तरह अभ्यस्त नहीं थे। नये पुल पर गति बढ़ाने के कारण उन्होंने नियंत्रण खो दिया। घायल युवकों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।
कार और युवकों की पृष्ठभूमि
घायल और मृतक युवक शीशगढ़ के सराय गांव के निवासी हैं—आदिल, कासिम, फरमान, सलमान और गुड्डू। दिल्ली में नारियल पानी बेचकर पैसे इकट्ठा करने के बाद वे लगभग 15 दिन पहले अपने गांव लौटे। परिवार के अनुसार, 10 दिन पहले उन्होंने 2011 मॉडल की पुरानी स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। किसी को भी कार चलाने का पर्याप्त अनुभव नहीं था।
हादसे की घटना
शुक्रवार को वे जूते खरीदने के लिए पड़ोसी मानपुर गांव की दुकान जा रहे थे। आदिल कार चला रहे थे और अन्य चार दोस्त उसके भीतर बैठे थे। गांव से लगभग छह किलोमीटर दूर बहगुल नदी के नये पुल पर पहुंचते ही उन्होंने कार की गति बढ़ा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार पुल पर केवल 200 मीटर दौड़ पाई, फिर अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरी। नदी में पानी कम था, लेकिन कार पत्थरों से टकराई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और सभी को कार से बाहर निकाला।
उपचार और मौत
जांच में पता चला कि दुर्घटना स्थल से मात्र एक किलोमीटर दूर ही वह दुकान थी, जहां उन्हें जाना था। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान आदिल की मौत हो गई। अन्य चार युवकों को गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस और परिवार की जानकारी
पुलिस ने बताया कि पुल की बनावट और आवागमन में कोई बाधा नहीं थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि आदिल ने परिचितों की कार चलाकर कुछ अनुभव हासिल किया था, लेकिन वह पूर्ण रूप से पारंगत नहीं थे। उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था या नहीं, इस पर परिवार की जानकारी नहीं है। नदी में पानी तीन-चार फीट तक था, इसलिए कार पूरी तरह डूबी नहीं, लेकिन पत्थरों से टकराने के कारण भारी नुकसान हुआ।














