
अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के भव्य समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने मंच से कहा कि आज वह क्षण हर श्रद्धालु और देशवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भागवत ने यह भी व्यक्त किया कि आज यह मंदिर निर्माण अपने शास्त्रीय विधि-रूप से पूर्ण हुआ और राम ध्वज का आरोहण देखकर ऐसा प्रतीत हुआ जैसे यह फिर से विश्व में शांति और सुख का संदेश देने के लिए विराजमान हुआ है।
उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का यह अद्भुत दृश्य उनके द्वारा वर्षों से देखे गए सपनों से भी अधिक सुन्दर है। भागवत ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि इस ऐतिहासिक क्षण से रामचंद्र दास महाराज, सिंहल जी और डालमिया को निश्चित ही शांति और संतोष प्राप्त हुआ होगा।
प्रधानमंत्री और सरसंघचालक ने रामलला के दरबार में किया पूजन
ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने विधिविधान से रामलला का दर्शन, पूजन और आरती की। पुजारियों ने तीनों विशिष्टजनों को राम नामी गमछा ओढ़ाया और प्रसाद अर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी और डॉ. मोहन भागवत ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर रामलला का आशीर्वाद ग्रहण किया।
इस कार्यक्रम में मंदिर निर्माण की शास्त्रीय विधियों के अनुसार संपूर्णता सुनिश्चित की गई और देशवासियों के लिए यह एक ऐतिहासिक एवं भावपूर्ण पल बन गया। राम मंदिर का यह भव्य स्वरूप न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म के गौरव को भी नई पहचान देता है।














