समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश की फैजाबाद लोकसभा सीट से सांसद अवधेश प्रसाद ने अपनी पार्टी को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि देश में जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं, उनमें समाजवादी पार्टी सबसे अधिक अनुशासित संगठन है। उनके मुताबिक अनुशासन, संगठन और कार्यकर्ताओं की एकजुटता के मामले में सपा का मुकाबला कोई दूसरी पार्टी नहीं कर सकती।
अवधेश प्रसाद ने यह बयान एक बैठक के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा संगठनात्मक अनुशासन को प्राथमिकता देती है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में यदि किसी राजनीतिक दल की कार्यशैली सबसे अधिक अनुशासित है तो वह समाजवादी पार्टी ही है।
बोले- सपा जैसा अनुशासन किसी और दल में नहीं
एएनआई से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा कि भारत की सभी राजनीतिक पार्टियों की तुलना की जाए तो समाजवादी पार्टी अनुशासन के मामले में सबसे आगे खड़ी नजर आती है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेतृत्व एकजुट होकर काम करते हैं और यही कारण है कि सपा की अलग पहचान बनी हुई है। उन्होंने दोहराया कि संगठनात्मक मजबूती और अनुशासन के मामले में कोई भी दल समाजवादी पार्टी की बराबरी नहीं कर सकता।
सरकार पर हमलावर रहने को लेकर भी रहते हैं चर्चा में
अवधेश प्रसाद समय-समय पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर मुखर रुख अपनाते रहे हैं। हाल ही में वह राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर विपक्ष द्वारा किए गए प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनकर शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद कई संतों और धार्मिक संगठनों ने नाराजगी जताई थी।
इस मुद्दे को लेकर कुछ संतों ने सांसद पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी किया था। साथ ही उनके पुतले फूंके गए और संसद से निष्कासन की मांग भी उठाई गई।
संतों के विरोध पर दी यह प्रतिक्रिया
जब एबीपी न्यूज ने अवधेश प्रसाद से भगवान श्रीराम के कथित अपमान, भगवा वस्त्र को लेकर उठे विवाद, संतों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई की मांग पर सवाल किया तो उन्होंने इसे कुछ लोगों की प्रतिक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल सीमित लोगों तक ही सीमित है।
अवधेश प्रसाद ने बातचीत के दौरान चर्चा का केंद्र राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे से जुड़े आरोपों की ओर मोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे और चंदा चोरी से जुड़े मुद्दे ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है। उनके अनुसार जनता इन आरोपों को लेकर जवाब चाहती है और इस विषय पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।













