उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन और सीट बंटवारे की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए के सहयोगी दलों को लेकर बड़ा दावा किया है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि भाजपा अपने छोटे सहयोगी दलों को कुल 162 सीटें देने की तैयारी कर रही है।
अखिलेश यादव के मुताबिक, एनडीए में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल को 19 सीटें दी जा रही हैं। उन्होंने इसे भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह योजना पीडीए के दबाव के कारण बनाई गई है। हालांकि, ये आंकड़े अखिलेश यादव के दावे पर आधारित हैं।
अखिलेश ने सीटों के आंकड़ों पर साधा निशाना
सपा प्रमुख ने अपनी पोस्ट में कहा कि भाजपा के लिए यह खबर हार की आशंका के बीच सहयोगी दलों को साथ बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखी जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि सहयोगी दलों को दी जा रही सीटों की संख्या पीडीए की आबादी के अनुपात से भी कम है और इसलिए यह रणनीति सफल नहीं होगी।
अखिलेश ने लिखा कि भाजपा चुनावी विशेषज्ञों की सलाह पर सहयोगी दलों को बड़ी संख्या में सीटें देने की तैयारी कर रही है, ताकि गठबंधन में शामिल दल अलग-अलग दिशा में न जाएं। उन्होंने इसे लेकर भाजपा पर राजनीतिक हमला भी बोला।
भाजपा सरकार पर लगाए कई आरोप
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जनता ने भाजपा को सत्ता से हटाने का मन बना लिया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने इसके समर्थन में करीब दो दर्जन बिंदु गिनाए।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने शिक्षा और परीक्षाओं में अनियमितताओं, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, बिजली, सड़क और निर्माण कार्यों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
इसके अलावा अखिलेश ने भाजपा पर झूठे मुकदमों और फर्जी एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस हिरासत में मौतों तथा शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कर्मचारियों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की समस्याओं का भी उल्लेख किया।
भर्ती और आरक्षण को लेकर भी निशाना
अखिलेश यादव ने अपने आरोपों में सरकारी भर्तियों और आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भाजपा पर 69,000 भर्ती समेत कई भर्तियों में आरक्षण प्रभावित करने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने अग्निवीर योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इससे लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं का मनोबल प्रभावित हुआ है।
उन्होंने किसानों, मजदूरों, पेशेवरों और अन्य वर्गों को उनके अधिकार नहीं मिलने का आरोप भी लगाया। साथ ही विज्ञान और वैज्ञानिकों को पर्याप्त महत्व नहीं देने, सरकारी संपत्तियों को बेचने और संविधान बदलने की साजिश करने जैसे आरोप भी अपनी पोस्ट में लगाए।
अपना दल ने अखिलेश को दिया जवाब
अखिलेश यादव के दावों पर एनडीए की सहयोगी पार्टी अपना दल की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल ने सपा प्रमुख पर पलटवार किया।
आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट और रीपोस्ट करने की राजनीति में विश्वास नहीं करता। उनके मुताबिक, पार्टी जमीन पर जनता के बीच काम करने और अपने गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े रहने को प्राथमिकता देती है।
उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए दावा किया कि एनडीए उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रहा है। आशीष पटेल ने कहा कि शायद इसी वजह से अखिलेश दूसरों की बातों को अफवाह बताने की कोशिश करते हुए खुद अफवाह फैलाने वालों में शामिल होते जा रहे हैं।
2027 में आमने-सामने होंगे गठबंधन
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और भाजपा दोनों ही अपने-अपने गठबंधनों को मजबूत करने में जुटे हैं। मौजूदा राजनीतिक चर्चा में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए और सपा-कांग्रेस का इंडिया गठबंधन प्रमुख मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनमें अखिलेश यादव का दावा भी शामिल है। वहीं, अपना दल की ओर से इन दावों के जवाब में एनडीए की जीत का भरोसा जताया गया है। ऐसे में चुनाव से पहले यूपी की सियासत में गठबंधन, सीट बंटवारे और दावों-प्रतिदावों का दौर आगे और तेज होने की संभावना है।













