
जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पेट संबंधी स्वास्थ्य जांच के लिए AIIMS जोधपुर लाया गया। यह कदम उनकी पत्नी गीतांजलि की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश अर्जी के बाद उठाया गया। कोर्ट ने वकील कपिल सिब्बल के माध्यम से डॉक्टर से विशेषज्ञ जांच कराने का निर्देश दिया था। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पुलिस बल की बड़ी संख्या तैनात रही। मीडिया को आरोपी से दूर रखा गया और उन्हें चेहरे पर मास्क पहनाकर, दोनों हाथों में हाथकड़ी लगाकर अस्पताल लाया गया।
एनएसए के तहत जेल में हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत जोधपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। उनकी पत्नी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन्हें गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञ डॉक्टर से चिकित्सा जांच कराई जाए।
पेट की समस्या के लिए विशेषज्ञ जांच की मांग
वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि वांगचुक को जेल के पानी से पेट में समस्या हो रही है और उन्हें विशेषज्ञ जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कोर्ट से मांग की कि उन्हें साप्ताहिक आधार पर मेडिकल जांच और परिवार द्वारा उपलब्ध कराया गया साफ पानी मुहैया कराया जाए।
सरकारी वकील का दावा और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
राजस्थान सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि पिछले चार महीनों में जेल के डॉक्टरों ने वांगचुक की 21 बार जांच की है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पीठ (न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले) ने यह स्पष्ट किया कि सामान्य जांच पर्याप्त नहीं है और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में परीक्षण की जरूरत है।
कोर्ट ने जेल अधिकारियों को आदेश दिया कि सोनम वांगचुक की जांच किसी सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर से कराई जाए और पूरी मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 2 फरवरी तक अदालत में प्रस्तुत की जाए।














