
राजस्थान के मेवाड़ अंचल में स्थित कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ के दरबार में श्रद्धा का ऐसा अद्भुत नज़ारा देखने को मिला है कि देखने वाले हैरान रह गए। हर महीने खोले जाने वाले मंदिर भंडार से इस बार भी नोटों की ऐसी बरसात हुई कि गिनती थमने का नाम नहीं ले रही। अब तक दान की चार चरणों में गिनती पूरी हो चुकी है और रकम 26 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। अभी पांचवें चरण की गिनती शेष है। सांवलिया सेठ के मंदिर में हर महीने चढ़ावे की राशि नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और हर बार पिछला रिकॉर्ड टूटता नज़र आ रहा है।
चार चरणों में निकले 26 करोड़ 81 लाख से ज्यादा रुपये
चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर का मासिक भंडार पिछले शनिवार को विधिवत रूप से खोला गया था। अब तक दान की गिनती के चार फेज पूरे हो चुके हैं और फिलहाल पांचवें चरण की प्रक्रिया जारी है। अभी तक की गिनती में चार चरणों के दौरान कुल 26 करोड़ 81 लाख 65 हजार रुपये की नकद राशि दान स्वरूप प्राप्त हो चुकी है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है।
150 से अधिक कर्मचारी संभाल रहे गिनती की जिम्मेदारी
राजभोग आरती के पश्चात मंदिर बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ की उपस्थिति में भंडार खोला गया। इसके बाद नोटों को बोरियों में भरकर सत्संग हॉल तक पहुंचाया गया, जहां सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक 150 से अधिक कर्मचारी दान राशि को छांटने और गिनने के कार्य में जुटे हुए हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरे गिनती स्थल पर सीसीटीवी कैमरों और मैनुअल कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। नोटों के विशाल ढेर से 500, 200 और 100 रुपये के अलग-अलग बंडल बनाकर व्यवस्थित तरीके से गिनती की जा रही है।
अभी बाकी है दान की पूरी गणना
जानकारी के अनुसार, इस महीने खुले मासिक भंडार में पहले चरण में 10 करोड़ 25 लाख रुपये, दूसरे चरण में 5 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपये, तीसरे चरण में 6 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये और चौथे चरण में 4 करोड़ 59 लाख 15 हजार रुपये की गिनती की जा चुकी है। हालांकि, भेंट कक्ष, मंदिर कार्यालय, ऑनलाइन माध्यम, मनीऑर्डर से प्राप्त दान, साथ ही सोने-चांदी का वजन और विदेशी मुद्रा की गणना अभी बाकी है, जिससे कुल आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध
मंदिर में उमड़ रही भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। श्री सांवलिया सेठ मंदिर अब देश के उन चुनिंदा धार्मिक स्थलों में शामिल हो चुका है, जहां हर महीने करोड़ों रुपये का दान प्राप्त होता है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भक्तों की अडिग श्रद्धा और विश्वास का जीवंत प्रतीक भी बन चुका है।














