
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान से इन दिनों एक दिलचस्प और उत्साहजनक खबर सामने आई है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही तक रिहायशी इलाकों में घूमकर दहशत फैलाने वाला बाघ RBT-2407 अब एक अलग ही रूप में नजर आ रहा है। वह बाघिन RBT-2510 के साथ देखा गया है, और दोनों की जोड़ी जंगल में एक साथ विचरण करती दिख रही है। इस दृश्य ने पर्यटकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता और रोमांच दोनों बढ़ा दिए हैं। माना जा रहा है कि दोनों के बीच निकटता बढ़ रही है और मेटिंग की संभावना भी प्रबल है, जिसे रणथंभौर के लिए एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बाघिन RBT-2510 की पहचान भी खास है। वह प्रसिद्ध बाघिन सुल्ताना (T-107) की संतान है और उसकी उम्र करीब तीन साल बताई जा रही है। वहीं, बाघ RBT-2407 मशहूर बाघ T-93 का बेटा है और उसकी उम्र लगभग चार साल है। इस तरह यह जोड़ी दो चर्चित बाघ परिवारों से जुड़ी हुई है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों की दिलचस्पी और भी बढ़ गई है।
झूमर बावड़ी क्षेत्र में बढ़ी हलचल
फिलहाल इन दोनों का मूवमेंट झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में लगातार देखा जा रहा है। फतेह कैफे के पीछे तक इनकी मौजूदगी दर्ज की गई है। सोमवार, 20 अप्रैल को भी यह जोड़ा उसी इलाके में आराम करता हुआ दिखाई दिया। इस नजारे को देखने के लिए वहां मौजूद पर्यटक खासे उत्साहित नजर आए और कई लोगों ने इसे अपने कैमरों में कैद भी किया।
बदला-बदला नजर आ रहा है बाघ का स्वभाव
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बाघ RBT-2407 का व्यवहार काफी अलग रहा था। वह कई बार जंगल की सीमाओं को पार कर रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच गया था, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग को उसे ट्रैंकुलाइज कर रेडियो कॉलर लगाना पड़ा, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
हालांकि अब उसके व्यवहार में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है। बाघ अब अपने प्राकृतिक आवास में ही सक्रिय है और बाघिन के साथ उसका यह नया व्यवहार वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से राहत भरी खबर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों के बीच मेटिंग होती है, तो यह रणथंभौर में बाघों की संख्या और संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत साबित हो सकता है।














