
राजस्थान में इन दिनों मौसम के तेवर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। बर्फीली और सर्द हवाओं की तीव्रता कम होने से लोगों को भीषण ठंड से कुछ हद तक राहत जरूर मिली है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और कई शहरों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच चुका है। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक कायम रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बारिश और घने कोहरे को लेकर डबल चेतावनी जारी की है।
जयपुर में चढ़ा पारा, नागौर में रही सबसे ज्यादा ठंड
सोमवार को राजधानी जयपुर में न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य औसत से अधिक रहा। बीते 24 घंटों के मौसम आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश का सबसे ठंडा जिला नागौर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान के मामले में पाली सबसे आगे रहा, जहां पारा 30.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
शेखावाटी में बादलों की आवाजाही, धूप रही कमजोर
अन्य शहरों की बात करें तो अलवर में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री, सिरोही में 8.1 डिग्री और बीकानेर में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर, गंगानगर और शेखावाटी अंचल में बादलों की आवाजाही बनी रहने से तेज धूप का असर कम देखने को मिला, जिससे दिन के तापमान में ज्यादा तेजी नहीं आई।
22 जनवरी से दस्तक देगा मजबूत पश्चिमी विक्षोभ
मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, राज्य में 22 से 28 जनवरी के बीच लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 22 से 24 जनवरी के दौरान प्रभाव दिखाएगा। इस दौरान 22 और 23 जनवरी को जोधपुर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्रों में मेघगर्जना, बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश यानी मावठ की संभावना है। वहीं जयपुर और भरतपुर संभाग में 23 से 24 जनवरी के बीच बादल छाए रहने और बारिश के आसार जताए गए हैं। दूसरे चरण में 26 से 28 जनवरी के बीच एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा। 26 जनवरी से इसके प्रभाव में आने से पूरे सप्ताह बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रह सकता है।
बारिश के बाद फिर बढ़ेगी ठंड की चुभन
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 24 और 25 जनवरी को कुछ समय के लिए मौसम शुष्क रह सकता है, लेकिन इसके बाद एक बार फिर तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। अनुमान है कि बारिश के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है, जिससे प्रदेश में ठिठुरन दोबारा बढ़ जाएगी।














