
राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत टोंक पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टोंक से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-52 पर देवली के समीप टोंक पुलिस की स्पेशल टीम (डीएसटी) ने बीती रात 9 जनवरी को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। देवली थाना क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने करीब 500 किलो गांजा से भरा एक ट्रक पकड़ा, जिसमें सवार दो आरोपियों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि यह गांजा उड़ीसा से देवली के हनुमान नगर क्षेत्र तक पहुंचाया जाना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने तस्करों की योजना पर पानी फेर दिया। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य में अब तक की बड़ी बरामदगियों में शामिल मानी जा रही है।
भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक में फैलाया जाना था जाल
सूत्रों के मुताबिक, इस नशीली खेप को छोटे-छोटे सप्लायरों के जरिए भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक जिलों में खपाने की तैयारी थी। ट्रक पकड़े जाने के बाद अब देवली पुलिस और डीएसटी की टीमें इस पूरे तस्करी नेटवर्क की परतें खोलने में जुट गई हैं। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो लंबे समय से अलग-अलग जिलों में नशे की सप्लाई कर रहा था। टोंक एसपी राजेश कुमार मीणा के निर्देश पर डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने रणनीति तैयार की और तस्करों को दबोचने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई के बाद से तस्करी से जुड़े कई लोग भूमिगत हो गए हैं।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया जाल, नाकेबंदी में पकड़ा ट्रक
डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि जैसे ही मुखबिर से ट्रक के बारे में सूचना मिली, टीम पूरी तरह अलर्ट हो गई। तय योजना के तहत नेशनल हाईवे पर नाकेबंदी की गई और संदिग्ध ट्रक को रुकवाया गया। ट्रक में सवार चालक और उसके साथी से पूछताछ की गई तो वे घबरा गए। पुलिस को संदेह और गहरा हुआ, जिसके बाद ट्रक की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। जब आरोपियों से गांजे से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर ट्रक समेत पूरा माल जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस बात की जांच की जा रही है कि इस गिरोह के तार और किन-किन राज्यों व जिलों से जुड़े हुए हैं।














