
राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले के खण्डार क्षेत्र में स्थित राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। स्कूल के एक शिक्षक और कार्यवाहक प्रधानाचार्य पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। छात्राओं की हिम्मत और साहस के कारण यह मामला उजागर हुआ है और अब दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
छात्राओं की शिकायत से शुरू हुई जांच
यह मामला 13 नवंबर का है जब सातवीं कक्षा की कुछ छात्राओं ने शिक्षक अब्दुल मारूफ के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं ने बताया कि शिक्षक कॉपियों में नंबर बढ़ाने के बहाने उन्हें कंप्यूटर लैब में बुलाकर गलत हरकतें करता था। उन्होंने ‘बैड टच’ और अनुचित व्यवहार की बात कही। लंबे समय तक डर की वजह से छात्राएं चुप रही, लेकिन अंततः उन्होंने साहस दिखाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद परिजन स्कूल पहुंचे और आरोपित शिक्षक से पूछताछ की। इसके बाद छठी से बारहवीं कक्षा की कुल 56 छात्राओं ने लिखित बयान देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। छात्राओं ने बताया कि लैब में शिक्षक गलत हरकतें करता और कई छात्राओं को डराकर चुप रहने के लिए मजबूर करता।
प्रधानाचार्य पर भी लगे गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तुरंत तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इस कमेटी में तीन प्रिंसिपल शामिल थे जिन्होंने स्कूल जाकर छात्राओं से बातचीत की। जांच के दौरान पता चला कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुकेश कौशल पर भी गंभीर आरोप हैं।
छात्राओं ने बताया कि प्रधानाचार्य उन्हें अकेले में बुलाता, सोशल मीडिया आईडी मांगता और रात में व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर दबाव बनाता था। जांच में इन शिकायतों को सत्य पाया गया।
दोनों आरोपियों को APO किया गया
जांच रिपोर्ट के आधार पर ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिक्षक अब्दुल मारूफ और प्रधानाचार्य मुकेश कौशल दोनों को APO (Awaiting Posting Order) कर दिया। प्रधानाचार्य का मुख्यालय CDEO कार्यालय में निर्धारित किया गया।
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिला कलक्टर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), समग्र शिक्षा के ADPC और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी खण्डार को सौंपी। ADPC दिनेश गुप्ता ने बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरी जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और निदेशालय को भेज दी है। दोनों आरोपियों को APO कर दिया गया है।
अभिभावकों की मांग और आगे की कार्रवाई
अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि ऐसे लोग स्कूल में रहकर छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल नहीं उठा सकते।














