
राजस्थान के झालावाड़ ज़िले से शुक्रवार सुबह एक अत्यंत दुखद और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है। मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोद गांव स्थित एक सरकारी विद्यालय की छत ढह जाने से कई मासूम बच्चे मलबे के नीचे दब गए। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 10 बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि 30 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, स्कूल की छत काफी समय से जर्जर अवस्था में थी और हाल की भारी बारिश ने इसकी हालत और भी खराब कर दी थी। शुक्रवार सुबह जब बच्चे कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक छत गिर गई। इससे दर्जनों छात्र मलबे में दब गए। स्थानीय लोग, शिक्षकों और प्रशासन की सहायता से बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया। मौके पर जेसीबी मशीन बुलाई गई और राहत कार्यों में तेजी लाई गई। गंभीर रूप से घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मासूम जिंदगियों का अंत
इस भयावह हादसे में जिन बच्चों की मौत हुई है, उनमें शामिल हैं:
पायल (14) पुत्री लक्ष्मण
प्रियंका (14) पुत्री मांगीलाल
कार्तिक (8) पुत्र हरकचंद
हरीश (8) पुत्र बाबूलाल
मीना रैदास
एक अन्य बच्चे की अब तक पहचान नहीं हो पाई है।
गंभीर रूप से घायल बच्चों की हालत नाज़ुक
झालावाड़ अस्पताल रेफर किए गए 9 बच्चों में कुंदन, मिनी, वीरम, मिथुन, आरती, विशाल, अनुराधा, राजू और शाहीना शामिल हैं। सभी की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे को "अत्यंत दुखद और पीड़ादायक" बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा: "झालावाड़ के पीपलोदी गांव में विद्यालय भवन के ढहने से हुई बच्चों की मृत्यु बेहद दुखद है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के इलाज में कोई कोताही न हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।"
शिक्षा मंत्री का बयान और जांच के आदेश
राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि सभी घायल बच्चों का इलाज सरकार की ओर से निःशुल्क कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने इस त्रासदी की गहराई से जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की बात कही है। शिक्षा मंत्री ने जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहते हुए हालात पर नजर बनाए रखी है।
क्या यह हादसा टल सकता था?
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत काफी समय से खराब थी, लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं गया। प्रशासन की लापरवाही और नियमित निरीक्षण की कमी इस त्रासदी का बड़ा कारण मानी जा रही है।
VIDEO | Jhalawar, Rajasthan: Roof of Piplodi Primary School collapses, several children feared trapped. Rescue operations underway.#RajasthanNews #Jhalawar
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2025
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/K0STKQwP0A














