
राजस्थान में एक दर्दनाक हादसा हुआ जब ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के काफिले की गाड़ी ने 5 वर्षीय बच्चे को कुचल दिया। दो दिन तक जयपुर में इलाज के बाद मंगलवार को मासूम हिमांशु ने दम तोड़ दिया। यह बच्चा अपनी 5 बहनों का इकलौता भाई था और सड़क पार करते समय मंत्री के काफिले की एस्कॉर्ट पुलिस गाड़ी की चपेट में आ गया।
हादसा नेशनल हाईवे 52 पर हुआ
जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार को टोंक जिले में नेशनल हाईवे 52 पर हुआ। घटना के समय मंत्री हीरालाल नागर को एस्कॉर्ट कर रही पुलिस की गाड़ी सड़क पार कर रहे हिमांशु को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित हो गई और पलट गई। इस दुर्घटना में गाड़ी में सवार एक एएसआई, दो कॉन्स्टेबल और ड्राइवर भी घायल हुए। गंभीर चोटिल मासूम को तुरंत जयपुर रेफर किया गया।
मासूम हिमांशु का परिवार
पुलिस ने बताया कि एस्कॉर्ट वाहन पहले पेड़ से टकराया और फिर पलट गया। दो दिन तक चले इलाज के बावजूद हिमांशु की मंगलवार को मौत हो गई। वह अपनी पांच बहनों का इकलौता भाई था। जैसे ही उसका शव घर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया और सभी सदमे में हैं।
परिवार और स्थानीय लोगों का शोक
हिमांशु की मौत ने परिवार और आसपास के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया। 5 बहनों की नजरों का इकलौता भाई अब उनके बीच नहीं रहा। स्थानीय प्रशासन ने परिवार को सांत्वना देने और आगे की मदद के लिए कदम उठाए हैं।
सुरक्षा और एस्कॉर्ट वाहन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस हादसे ने मंत्री काफिले और सड़क सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि एस्कॉर्ट वाहन के नियंत्रण में चूक ने मासूम की जान ले ली। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।














