
राजस्थान में सर्दी ने इस समय लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। घना कोहरा, तेज शीतलहर और पाले की मार ने मिलकर प्रदेश को मानो ठंड के शिकंजे में जकड़ लिया है। दिन-रात कंपकंपाती ठंड से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह-शाम ही नहीं, बल्कि दिन में भी अलाव और हीटर का सहारा लेने को मजबूर हैं। बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन 20 जिलों में स्कूलों को बंद कर दिया है। कई इलाकों में ठंड का असर इतना ज्यादा है कि सामान्य गतिविधियां भी धीमी पड़ गई हैं।
राज्य के कई शहरों में तापमान लगातार नीचे गिर रहा है। सात शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच चुका है। सर्दी का सबसे ज्यादा असर शेखावाटी अंचल में देखने को मिल रहा है। सीकर और झुंझुनूं में खुले खेतों, खड़ी फसलों, गाड़ियों की छतों और पेड़-पौधों पर पाले की मोटी परत जम गई है, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर में लिपटा नजर आया। इस बीच मौसम विभाग ने हालात को गंभीर मानते हुए अगले 72 घंटों के लिए ‘ट्रिपल अलर्ट’ जारी किया है।
फतेहपुर सीकर के बाद अब वनस्थली में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से लेकर घना कोहरा छाया रहा। कुछ स्थानों पर शीत दिवस और अति शीत दिवस जैसी स्थिति दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जबकि बीकानेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान वनस्थली में 4.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में आर्द्रता का स्तर भी काफी अलग-अलग रहा, जो 21 प्रतिशत से लेकर 99 प्रतिशत तक दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने साफ तौर पर चेताया है कि अगले तीन दिन प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। शीतलहर, शीत दिवस और घने कोहरे का संयुक्त प्रभाव देखने को मिलेगा। 6 जनवरी को अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में ठंड का असर और तेज होने की आशंका जताई गई है।
आने वाले दिनों को लेकर भी राहत के संकेत नहीं मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 जनवरी के दौरान और पूर्वी राजस्थान में 6 से 10 जनवरी तक शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 6 और 7 जनवरी को, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 6 जनवरी 2026 को शीत दिवस जैसी स्थिति बन सकती है। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसे में फिलहाल राजस्थानवासियों को सर्दी से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।














