राजस्थान में एसडीएम के साथ हुए विवादित थप्पड़कांड के बाद पूरे देश में चर्चा में आए नरेश मीणा एक बार फिर आंदोलन पर उतरने की तैयारी में हैं। 30 जनवरी को कोटड़ी में आयोजित होने वाली बड़ी सभा को लेकर मीणा लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। उनके इस ऐलान के बाद पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गए हैं। गुरुवार को टोंक जिला प्रशासन ने नरेश मीणा को वार्ता के लिए बुलाया, जिसमें कलेक्टर कल्पना अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने उनके साथ लगभग दो घंटे तक वार्ता की।
‘मांगें नहीं मानी तो जयपुर कूच’
वार्ता के बाद नरेश मीणा और जिला कलेक्टर ने अलग-अलग बयानों में इसे सकारात्मक बताया। हालांकि नरेश मीणा ने मीडिया से कहा कि शुक्रवार को कोटड़ी मोड़ पर एक बड़ी सभा होगी और यदि उनकी सरकार स्तर की मांगों को नहीं माना गया, तो जयपुर कूच किया जाएगा। उनका कहना था कि जनता की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता और यह आंदोलन उनकी मजबूरी है।
आगामी 30 जनवरी को होने जा रहे विशाल "जनआन्दोलन" को लेकर आज विधानसभा क्षेत्र केशवरायपाटन के गांव बेलनगंज,चमनगंज,बोहरीया में जनसंपर्क के दौरान लिए गए छायाचित्र।
अशोक चांदना पर कड़ा पलटवार
मीडिया से बात करते हुए नरेश मीणा ने अशोक चांदना के ‘रोजड़ा’ कहने वाले बयान पर पलटवार किया और कहा कि 2028 में सभी को उनकी ताकत का पता चल जाएगा। इसके अलावा, बीसलपुर बांध से गाद के खनन पर भी उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर निशाना साधा। उनका कहना था कि यह मुद्दा स्थानीय लोगों की समस्याओं से जुड़ा हुआ है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जनसभा की तैयारी और जनसंपर्क
देवली-उनियारा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को लेकर 30 जनवरी को नरेश मीणा एक बड़ी जनसभा करेंगे। यह सभा टोंक-सवाई माधोपुर जिले की सीमा पर, सोप पुलिस थाना क्षेत्र के कोटड़ी चौराहे पर प्रस्तावित है। मीणा इसके लिए लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और क्षेत्रवासियों को सभा में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। उनके इस कदम से प्रशासन और स्थानीय लोग दोनों ही सतर्क हो गए हैं।














