
अजमेर जिले के केकड़ी क्षेत्र के सावर कस्बे में एक बैंक में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। बदमाशों ने कस्बे के मुख्य चौराहे पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा को निशाना बनाते हुए बेहद सुनियोजित तरीके से सेंधमारी की। चोर बैंक की छत काटकर भीतर दाखिल हुए और लॉकर रूम तक पहुंचकर कीमती सामान चुरा ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
मौके की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे। उन्होंने पहले बैंक की छत को तोड़ा और फिर आरसीसी छत में लगी मजबूत लोहे की सरियों को इलेक्ट्रिक कटर से काटकर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद बदमाश सीधे लॉकर रूम में पहुंचे और वहां एक-दो लॉकर तोड़कर उनमें रखा बहुमूल्य सामान लेकर फरार हो गए। राहत की बात यह रही कि बैंक का मुख्य कैश वाल्ट सुरक्षित बताया जा रहा है और उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई।
पुलिस उपाधीक्षक हर्षित शर्मा के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितने सोने-चांदी या अन्य कीमती सामान की चोरी हुई है। लॉकर धारकों के बैंक पहुंचने और उनके द्वारा दी गई जानकारी के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। बैंक प्रबंधन ने सभी संबंधित ग्राहकों को सूचना दे दी है, ताकि वे आकर अपने लॉकर की स्थिति की पुष्टि कर सकें।
इस संबंध में बैंक मैनेजर पूजा मीणा की ओर से पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इंद्रराज भट्ट के लॉकर से करीब 80 तोला सोना चोरी हुआ है, जबकि लोकेश पारीक के लॉकर से 28 तोला सोना और लगभग 850 ग्राम चांदी गायब पाई गई है। उल्लेखनीय है कि इंद्रराज भट्ट, पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा के निजी सहायक राजेंद्र भट्ट के पुत्र हैं।
घटना के बाद सावर थाना पुलिस बैंक परिसर और आसपास की इमारतों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस का अनुमान है कि चोरों ने शनिवार या रविवार की रात को वारदात को अंजाम दिया होगा, क्योंकि इन दिनों बैंक बंद रहता है। थानाधिकारी राधेश्याम जाट ने बताया कि चोरी के सटीक समय का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि चोर जल्दबाजी में मौके पर अपना इलेक्ट्रिक कटर और छत काटने में इस्तेमाल किए गए अन्य औजार छोड़कर फरार हो गए। साक्ष्य जुटाने और तकनीकी जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। इस घटना के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए सभी संभावित सुरागों को खंगाला जा रहा है।














