
नाथद्वारा में जन्माष्टमी का पर्व इस बार भी भव्यता और आस्था का अनोखा संगम लेकर आया है। वैष्णव संप्रदाय की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर और गलियां भक्तों से खचाखच भरी हुई हैं। हर कोई ठाकुरजी के दर्शन के लिए बेताब दिख रहा है। परंपरा के अनुसार रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का स्वागत होगा। इस अवसर पर रसाल चौक में 21 तोपों की गूंज कान्हा के आगमन का संदेश देगी। तोपों की सलामी के तुरंत बाद ठाकुरजी के जन्मोत्सव की शुरुआत होगी और भक्तगण भावविभोर होकर उत्सव का हिस्सा बनेंगे।
आधी रात से सुबह तक भक्ति और उत्सव की झंकार
मध्यरात्रि में श्रीनाथजी का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से ठाकुरजी का स्नान कर उन्हें श्रृंगारित किया जाएगा। इसके बाद भक्तों के लिए द्वार खोल दिए जाएंगे। रविवार (17 अगस्त) को जन्माष्टमी की रात्री उत्सव के बाद, अगले दिन सुबह से नंद महोत्सव की शुरुआत होगी। यह महोत्सव दिनभर चलेगा और भक्त नंदलाल की लीलाओं का रसपान करेंगे।
सोने के पालने में झूलेंगे लड्डू गोपाल
नंद महोत्सव के दौरान ठाकुरजी को स्वर्ण जड़ित झूले में झुलाया जाएगा। चारों ओर भक्ति और आनंद का वातावरण रहेगा। पंचामृत को प्रसाद के रूप में भक्तों पर उछाला जाएगा। चारों ओर "हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैया लाल की" और "नंद घर आनंद भयो" के गगनभेदी जयकारे गूंजेंगे। महिलाएं और पुरुष समूहों में नाचते-गाते, ढोल-नगाड़ों की थाप पर उल्लास से भरकर नंदोत्सव का आनंद लेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी व्यापक प्रबंध किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के हर कोने पर पुलिस बल तैनात है। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने दो दिन पूर्व ही समीक्षा बैठक कर मंदिर प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए थे। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि भक्त पूरी तरह निश्चिंत होकर दर्शन कर सकें।
स्थानीय व्यापार में रौनक
इस अवसर पर नाथद्वारा का हर कोना जीवंत हो उठा है। लाखों श्रद्धालुओं की आमद से होटल, धर्मशालाएं और लॉज पूरी तरह भरे हुए हैं। यात्री वाहनों में भी जगह मिलना मुश्किल हो रहा है। नाथद्वारा की दुकानों और बाजारों में असाधारण चहल-पहल देखने को मिल रही है। स्थानीय व्यापारियों के लिए यह अवसर आर्थिक दृष्टि से भी बेहद शुभ होता है, क्योंकि भारी भीड़ से बिक्री में जबरदस्त उछाल आता है।














