
राजधानी जयपुर के श्याम नगर इलाके में एक ज्वेलरी कारोबारी के अपहरण की घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। इस हाई-प्रोफाइल किडनैपिंग केस में पुलिस ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कारोबारी के बेहद करीबी और पुराने दोस्त थे। इन दोस्तों ने आर्थिक तंगी से उबरने के लिए फिरौती की योजना बनाई और कारोबारी अनिकेत सोनी को अगवा कर 20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। 18 जुलाई की रात ज्वेलरी कारोबारी अनिकेत सोनी ने अपने दोस्त आयुष शर्मा की जन्मदिन पार्टी में हिस्सा लिया। पार्टी से लौटते वक्त उसका दोस्त नदीम कुरैशी उससे अनुरोध करता है कि वह एक और दोस्त, साहिल खान को अजमेर रोड तक छोड़ दे। रास्ते में साहिल टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाता है। जैसे ही अनिकेत गाड़ी रोकता है, चार नकाबपोश बदमाश अचानक गाड़ी के पास पहुंचते हैं और उस पर हमला बोलते हैं।
नकाबपोशों ने हथियार दिखाकर की मारपीट और लूट
बदमाशों ने अनिकेत को जबरन गाड़ी से बाहर निकालकर उसकी पिटाई की और सोने की चेन, कड़ा, रुद्राक्ष की माला और पर्स लूट लिया। फिरौती के लिए उसे और साहिल को गाड़ी की पिछली सीट पर डालकर दौलतपुरा टोल प्लाजा की ओर ले जाया गया। रास्ते में पिस्तौल की नोंक पर अनिकेत से 20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। धमकी दी गई कि अगर रकम नहीं मिली तो दुबारा अगवा किया जाएगा। श्याम नगर थाना पुलिस को शुरुआती जांच में साहिल की भूमिका पर शक हुआ, क्योंकि उसके साथ कोई हिंसा नहीं हुई थी। साथ ही, वारदात के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों ने पुलिस का ध्यान खींचा। कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन खंगालने के बाद जब पुलिस ने साहिल और नदीम से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने साजिश कबूल कर ली।
गिरफ्तार आरोपी: दोस्ती की आड़ में विश्वासघात
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल खान (24), निवासी झोटवाड़ा, और नदीम कुरैशी (27) के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि कपड़े के व्यापार में भारी घाटा होने के कारण वे भारी कर्ज में डूब गए थे। इसी आर्थिक दबाव में आकर उन्होंने अपने ही दोस्त को निशाना बनाने की साजिश रची। एडिशनल डीसीपी साउथ ललित किशोर शर्मा ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि चार नकाबपोश बदमाश अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी पहचान और लोकेशन पता लगाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स का सहारा ले रही है।
भरोसे को तोड़ने वाली साजिश
यह घटना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि यह बताती है कि आर्थिक तंगी और लालच इंसान को किस हद तक गिरा सकते हैं। दोस्ती के रिश्ते को छलावा बनाकर अपराध को अंजाम देने का यह मामला समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और विश्वास जताया है कि अन्य दोषियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।














