
दौसा जिले के मंडावरी क्षेत्र से बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक व्यापारी के खाते से करीब 30 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा है। पीड़ित व्यापारी गिर्राज प्रसाद मीना ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बैंक कर्मचारियों पर धोखाधड़ी और साजिश रचने के आरोप लगाए हैं।
थाना प्रभारी सुधीर उपाध्याय के अनुसार, व्यापारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारी के खाते से दो अलग-अलग तारीखों में कुल 30 लाख रुपये निकाले गए। 13 नवंबर 2025 को 23 लाख रुपये बैंक के संविदाकर्मी विजेंद्र कुमार शर्मा के खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि 20 नवंबर 2025 को 7 लाख रुपये बैंक कैशियर ने अपने रिश्तेदार अंकित कुमार मीना के खाते में डाल दिए।
इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी व्यापारी को काफी समय बाद लगी। 16 मार्च को जब गिर्राज मीना ने अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तब इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। आरोप है कि मामले की भनक लगते ही बैंक कर्मचारियों ने इसे दबाने की कोशिश भी की।
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि उसके खाते में 41 लाख रुपये की लिमिट थी, जिसका फायदा उठाकर फर्जी वाउचर तैयार किए गए और रकम निकाली गई। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि बैंक कैशियर विनोद कुमार मीना ने दो नकली वाउचर बनाकर इस गबन को अंजाम दिया। साथ ही अन्य कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
यह खाता मंडावरी कृषि उपज मंडी में संचालित फर्म ‘पुरुषोत्तमलाल पवन कुमार’ के नाम से चल रहा है, जिसे ताजपुर बामनवास निवासी गिर्राज प्रसाद मीना संचालित करते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
मंडावरी कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि अगर बैंकिंग सिस्टम में इस तरह की गड़बड़ियां जारी रहीं, तो उनका भरोसा पूरी तरह टूट सकता है।














