
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सोमवार (2 फरवरी) को अजमेर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट को देश के भविष्य की नींव रखने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक और दूरदर्शी पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के विज़न को यह बजट केवल नीतियों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे ज़मीनी हकीकत में बदलने का स्पष्ट मार्ग भी दिखाता है। बजट में समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने की सोच झलकती है और समावेशी विकास का ठोस खाका सामने आता है।
किसान, युवा, महिला और गरीब—विकास की प्राथमिक धुरी
दिया कुमारी ने कहा कि इस केंद्रीय बजट में किसान, युवा, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, सिंचाई परियोजनाओं को विस्तार देने और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप्स और नवाचार से जुड़े प्रावधान रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे और आत्मनिर्भरता को मजबूती देंगे। वहीं, महिला सशक्तिकरण के लिए महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं।
‘विकसित भारत–2047’ की दिशा में ठोस रणनीति
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आंकड़ों और घोषणाओं का संकलन नहीं है, बल्कि ‘विकसित भारत–2047’ के लक्ष्य को हासिल करने का एक सुविचारित रोडमैप है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बढ़ाया गया आवंटन सड़कों, रेल नेटवर्क और शहरी परिवहन को नई रफ्तार देगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के आपसी समन्वय से राजस्थान सहित पूरे देश में विकास की गति तेज होगी और आमजन को इसका सीधा लाभ मिलेगा।














